-ग्रेटर नोएडा में वायु प्रदूषण की रोकथाम के इंतजाम नाकाफी, 377 रहा एक्यूआई
- पाइपलाइन डालने को तोड़ी और अधूरी सड़कें भी बन रही धूल उड़ने की वजह
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शहर में वायु प्रदूषण के हॉटस्पॉट कम होने की जगह बढ़ रहे हैं। ग्रेनो वेस्ट में कई सड़कों का निर्माण कराया गया, लेकिन कुछ जगह अधूरी होने के कारण वहां धूल उड़ रही है। कुछ जगह पाइपलाइन डालने के बाद सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। आज वहां धूल से वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। पुराने हॉटस्पॉट पर भी काम नहीं किया गया। इस कारण ग्रेनो के वायु प्रदूषण में सुधार नहीं हो रहा। बृहस्पतिवार को भी ग्रेनो का वायु गुणवत्ता सूचकांक रेड जोन में 377 दर्ज हुआ। ग्रेटर नोएडा देश का चौथा और एनसीआर का तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा।
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ग्रेटर नोएडा शहर में वायु प्रदूषण के 9 हॉटस्पॉट को चयनित किया था। पुराने हॉटस्पॉट खत्म होने की जगह अब नए हॉटस्पाॅट बन रहे हैं। लोगों ने बताया कि ग्रेनो वेस्ट में 130 मीटर से ऐस सिटी गोलचक्कर के बीच 80 मीटर रोड का निर्माण कराया गया था। किसान से विवाद खत्म होने और जमीन पर कब्जा मिलने का दावा किया गया था, लेकिन कुछ हिस्से पर अभी भी किसान ने जमीन पर काम नहीं करने दिया। वहां करीब 50 मीटर रास्ता कच्चा है। जिस पर वाहनों का आवागमन होने से धूल उड़ रही है।
वहीं औद्योगिक सेक्टर इकोटेक-3 में जलभराव की समस्या को देखकर प्राधिकरण ने सूरजपुर-दादरी-छलेरा रोड को खोदकर नाले को मुख्य नाले से जोड़ने का काम कराया था, लेकिन काम खत्म होने के बाद वहां मरम्मत का काम नहीं कराया गया।
पिछले छह दिन में ग्रेनो का एक्यूआई
तिथि एक्यूआई
8 नवंबर 336
9 नवंबर 340
10 नवंबर 334
11 नवंबर 406
12 नवंबर 387
13 नवंबर 377