नोएडा प्राधिकरण की तरफ की जा रही शहर में सड़कों की मरम्मत
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे किनारे की 45 मीटर चौड़ी सड़क महामाया फ्लाईओवर के आगे से नोएडा प्राधिकरण दफ्तर के सामने से होते हुए सेक्टर-98 तक जाने वाली ठीक स्थिति में है। सड़क टूटी भी नहीं है न ही गड्ढ़े हैं। फिर भी इस सड़क पर नई परत महामाया बालिका इंटर कॉलेज के पास से बिछाई जा रही है।
सेक्टर-49 चौराहे से सिटी सेंटर की तरफ आने वाली सड़क सेक्टर-42 के सामने से लेकर जिला अस्पताल के सामने तक कई महीनों से उखड़ी हुई है। उखड़ने के बाद पहली परत की रोड़ी-बजरी तक गायब हो गई है। लेकिन इस सड़क की मरम्मत की सुध नोएडा प्राधिकरण के इंजीनियरों ने नहीं ली है।
बानगी के तौर पर यह दो उदाहरण शहर में हो रही सड़कों की मरम्मत व रिसर्फेसिंग में नोएडा प्राधिकरण के इंजीनियरों की इंजीनियरिंग को दर्शाने के लिए हैं। ऐसी बहुत सी सड़कें हैं जो महीनों से उखड़ी पड़ी हुई हैं लेकिन अब तक मरम्मत या रिसर्फेसिंग नहीं शुरू हो पाई है। वहीं ऐसी कई सड़कें हैं जो अभी टूटी नहीं थीं न ज्यादा उखड़ी थीं जिन पर प्राधिकरण के वर्क सर्किल ठेकेदारों से जोर-शोर से काम करवा रहे हैं। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि सभी सड़कों की रिसर्फेसिंग व मरम्मत करवाई जानी हैं। इसके लिए टेंडर किए गए हैं। कुछ सड़कें बाकी बची हैं तो उनका भी टेंडर होगा।
अब तक 350 करोड़ रुपये से ज्यादा के टेंडर सड़क मरम्मत के हो चुके
नोएडा प्राधिकरण में अब तक 350 करोड़ रुपये से ज्यादा लागत के टेंडर सड़कों की मरम्मत के हो चुके हैं। यह काम वर्क सर्किल-1 से 10 तक होने हैं। लेकिन टेंडर में प्रस्तावित काम तेजी से धरातल पर नहीं उतर पा रहे हैँ। इस वजह से शहर के निवासियों को उखड़ी-टूटी सड़कों का दर्द मिल रहा है। प्राधिकरण रेकार्ड में सड़कों की मरम्मत से जुड़े 60 प्रतिशत काम हो चुके हैं। पीडब्ल्यूडी की तर्ज पर निर्माण लागत वृद्धि को प्राधिकरण भी 5 सितंबर को बोर्ड से मंजूरी के बाद अनुमति दे चुका है।
सभी टूटी सड़कों की रिसर्फेसिंग करवाई जानी है। यह काम तेजी से कराने के निर्देश सभी वर्क सर्किल प्रभारियों को दिए गए हैं। कुछ जगहों के टेंडर अभी नहीं हुए हैं इसलिए वहां पर देरी जरूर हुई है। - वंदना त्रिपाठी, एसीईओ, नोएडा प्राधिकरण।
महामाया फ्लाइओवर से सेक्टर-98 जाने वाली दुरुस्त सड़क पर हो रहा निर्माण। फोटो अमर उजाला