-छत्रपति शिवाजी जयंती पर डीयू में विकसित भारत 2047 कार्यक्रम को किया संबोधित
-बोले, लीडरशिप के क्षेत्र में दिल्ली विश्वविद्यालय दे सकता है अहम योगदान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। वर्ष 2047 तक देश को विकसित बनाने के लिए विश्व स्तरीय कंपनियां खड़ी करनी होंगी। एक एक ट्रिलियन डॉलर के कम से कम 100 ब्रांड भारत से होने चाहिए। दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो योगेश सिंह ने यह बातें छत्रपति शिवाजी जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित संकल्प विकसित भारत 2047 विषयक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
प्रो सिंह ने कहा कि नए भारत की बदलती तस्वीर हमारे सामने है। नया भारत अपनी गलतियां दोहराने वाला भारत नही है। डीूयू में सोमवार को विकसित भारत 2047 अभियान के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय की मूल्य संवर्धन पाठ्यक्रम समिति द्वारा छत्रपति शिवाजी जयंती के उपलक्ष्य में संकल्प विकसित भारत 2047 विषयक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कुलपति ने कहा कि विकसित राष्ट्र बनने के लिए हमें दूसरे देशों का अनुसरण करने की नहीं बल्कि अपने म़ॉडल बनाने की जरूरत है, क्योंकि अलग-अलग देशों की भौतिक और भौगोलिक परिस्थितियां अलग-अलग होती हैं। कुलपति ने छत्रपति शिवाजी के विषय के विषय में कहा कि अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके अनेक योगदान रहे हैं लेकिन एक अद्वितीय योगदान उनकी युद्ध नीति है।
प्रो. योगेश सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था पर कहा कि हमें लीडरशिप के क्षेत्र में काम करने की जरूरत है और दिल्ली विश्वविद्यालय इसमें अपना अहम योगदान दे सकता है। कार्यक्रम के आरंभ में मूल्य संवर्धन पाठ्यक्रम समिति के अध्यक्ष प्रो. निरंजन कुमार ने कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न ‘विकसित भारत2047’ अभियान को लेकर अत्यंत सजग है। भविष्य का भारत केवल आर्थिक नहीं बल्कि नैतिक, चारित्रिक और आध्यात्मिक विकास पर आधारित होगा। कार्यक्रम में आर्यभट्ट कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. मनोज सिन्हा, डीन ऑफ कॉलेजेज़ प्रो. बलराम पाणी, दक्षिणी परिसर के निदेशक प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, प्रॉक्टर प्रो. रजनी अब्बी, रजिस्ट्रार डॉ. विकास गुप्ता समेत डीन, विभागाध्यक्ष, प्राचार्य, संकाय सदस्य, शिक्षक, शोधार्थी व छात्र उपस्थित रहे।