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टैरिफ का वार : अमेरिकी राष्ट्रपति की नरमी से जगी नई उम्मीद

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-अन्य विकल्पों की तलाश में भी जुटे हुए हैं शहर के निर्यातक
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। महीनों की उथल पुथल के बाद भारत और अमेरिका के बीच कड़वे हुए संबंधों में सुधार की गुंजाइश नजर आने लगी है। पीएम नरेंद्र मोदी के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान ने माहौल बदलने की आहट दे दी है। भारत पर लगाए गए टैरिफ की वजह से भारत में निर्यात में भारी घाटे के संकट छाए हुए हैं। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति की इस नरमी से शहर के कारोबारियों नई उम्मींद जगी है।



शहर के कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा दिखाई गई नरमी के चलते उम्मीद की जा रही है कि जो उनके द्वारा भारत में भारी भरकम टैरिफ लगाया है, उससे जल्द राहत मिल सकेगी। लेकिन अभी भी यह कहना और विश्वास करना मुश्किल है। कारोबारियों के अनुसार इसका एक प्रमुख कारण यह भी है कि इस टैरिफ के पहले भी भारत और अमेरिका के रिश्ते मजबूत थे। लेकिन ट्रंप ने अचानक से जो बदलाव किया, इससे संकट के बादल छाने लगे। ट्रंप कभी भी बदल सकते हैं। उनकी नरमी दिखाने का एक कारण चीन में हुई एससीओ समिट की बैठक भी सकती है। यहां चीन, रूस समेत अन्य देशों के साथ भारत भी साथ नजर आया।
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जापान, आस्ट्रेलिया समेत 40 देशों के साथ व्यापार बढ़ाने पर जोर

भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) और निर्यातकों के बीच सेक्टर 62 स्थित पार्क एसेंट होटल में चार दिनों तक मास्टर क्लास चली। इस क्लास में अहमदाबाद के अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञ डाॅ. जगत शाह ने अमेरिकी टैरिफ से मुकाबले के लिए कई सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि निर्यातकों को स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ ही आस्ट्रेलिया, फ्रांस और जापान सहित करीब 40 देशों में व्यापार को बढ़ाना होगा। इससे न सिर्फ 50-70 प्रतिशत तक व्यापार को बढ़ाया जा सकता है, बल्कि अमेरिका के टैरिफ वार को भी कुंद किया जा सकता है।
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भारतीय उद्योग संग हुई बैठक



आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजीव बंसल ने बताया कि सेक्टर 56 स्थित निजी होटल में भारतीय उद्योग संघ (सीआईआई) उत्तर प्रदेश राज्य परिषद और सीआईआई पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्रीय परिषद की बैठक हुई। इसमें मुख्य अतिथि व यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश सिंह के साथा हाल ही में लगे अमेरिका के टैरिफ के चलते हुई उथल पुथल के दौरान यूपी में औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूत करने के लिए एक रचनात्मक मंच के रूप कार्य करने की योजना बनाई गई।





कोट

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ट्रम्प के नरम तेवरों से व्यापारिक माहौल में स्थिरता की उम्मीद है। उम्मीद है कि निर्यात की यह समस्या दूर होगी और पुन: पटरी पर आएगी।

-सत्यम पांडे, निर्यातक



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ट्रम्प के नरम तेवर से निर्यात कारोबार में स्थिरता आने की उम्मीद है। गारमेंट उद्योग अब वैश्विक बाजार में और मजबूती से कदम बढ़ाने पर कार्य कर रही है। यह बदलाव सकारात्मक है।
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-डॉ. नीतू सिंह, गारमेंट एक्सपोर्टर



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ऐसा सुनने में जरूर आ रहा है कि ट्रंप अब नरम पड़े हैं, लेकिन अभी यह पूरी तरह से स्पष्ट भी नही है। सरकार से पूरी उम्मीद है, वह जरूर इससे निपटने के लिए लगातार कार्य कर रही है।



-राजीव बंसल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आईआईए
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