दिल्ली कैबिनेट की बैठक में पॉलिसी पर चर्चा हुई, मसौदे में कई बदलाव किए जाने बाकी
परिवहन मंत्री ने कहा- ऑटो बंद करने की खबर पूरी तरह भ्रामक और आधारहीन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
राष्ट्रीय राजधानी में नई ई-वाहन पॉलिसी लागू होने में अभी समय लगेगा। जब तक नई पॉलिसी लागू नहीं होती तब तक पुरानी पॉलिसी ही जारी रहेगी। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में पॉलिसी पर चर्चा तो हुई, लेकिन मसौदे पर मुहर नहीं लग सकी। ऐसे में माना जा रहा है कि अभी पॉलिसी को लेकर तैयार किए गए मसौदे में कई बदलाव किए जाने बाकी हैं। इसके बाद ही इसे कैबिनेट में लाया जाएगा।
दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री डाॅ. पंकज कुमार सिंह ने बताया कि जनता को बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की परिवहन सेवाएं बंद नहीं जाएंगी। ऑटो बंद करने को लेकर फैलाई जा रही खबर पूरी तरह भ्रामक और आधारहीन है। दिल्ली सरकार इस प्रकार के दुष्प्रचार का खंडन करती है। जब तक नई ईवी पॉलिसी 2.0 बनती है तब तक पुरानी ईवी पॉलिसी लागू रहेगी। दिल्ली सरकार का उद्देश्य राजधानी में एक बेहतर और विश्व स्तरीय पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को सुनिश्चित करना है, जिससे आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
बता दें कि नई ईवी पॉलिसी को आप के कार्यकाल में ही लागू किया जाना था, लेकिन कई तरह की अड़चनों के कारण पॉलिसी 2.0 लागू नहीं हो पाई है। दिल्ली में लागू पुरानी ईवी पॉलिसी 2013 में ही समाप्त हो चुकी है। इसे कई बार आगे बढ़ाया गया है। अब भाजपा सरकार नई ईवी पॉलिसी पर काम कर रही है।
सब्सिडी पर असमंजस की स्थिति
आप सरकार की हीला-हवाली के कारण पिछले साल लोगों को ई-वाहन खरीदने पर सब्सिडी नहीं मिल सकी। पूर्व सरकार के समय वित्तीय वर्ष 2024-25 में खरीदे गए ई-वाहनों की 48 करोड़ की सब्सिडी का पैसा बकाया है। सब्सिडी नहीं मिलने से दिल्ली में ई-वाहनों की खरीद पर भी इसका असर हुआ। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पिछली सरकार ने ईवी खरीद पर सब्सिडी की राशि जारी नहीं की, जिससे उपभोक्ताओं को आज तक हक नहीं मिल पाया। हालांकि, यह अभी नहीं बताया गया है कि बकाया सब्सिडी कब तक जारी होगी।
ई-वाहनाें की बिक्री में आई कमी
राजधानी में ई-वाहनों को बढ़ावा देने के लिए ईवी पॉलिसी लागू की गई थी। दिल्ली में लगातार ई-वाहनों के पंजीकरण में गिरावट आई है। अगर 2023 से तुलना करें तो 2024 में 18687 वाहन कम पंजीकृत हुए हैं। दिल्ली में वित्तीय वर्ष 2022-23 में कुल 6,28022 वाहन पंजीकृत हुए। 2023-24 में 6,70140 वाहन पंजीकृत हुए। 2024-25 में 7,20812 पहुंच गए हैं। जबकि पूर्व सरकार का लक्ष्य दिल्ली को ई-वाहनों की राजधानी बनाना था। इसके तहत सरकार दिसंबर 2025 तक कुल पंजीकरण होने वाले वाहनों में से 25 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों का लक्ष्य लेकर चल रही थी, लेकिन मौजूदा समय में स्थिति यह है कि दिल्ली में कुल ई-वाहनों ही संख्या 11 फीसदी ही है।
ई-वाहनों के पंजीकरण की स्थिति
वर्ष202220232024
अप्रैल3962 51855263
मई350876324993
जून4459 4907 4077
जुलाई 5595 4917 5155
अगस्त 4591 4939 4366
सितंबर 4813 4849 4356
अक्टूबर 8152 6033 5222
नवंबर 6156 6927 5197
दिसंबर 7065 9485 5149
जनवरी557376025675
फरवरी526756404371
मार्च7970108514530
कुल671117896560278