- वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने भी 22 नोडल व सुपरवाइरों को कार्रवाई के लिए दिए नोटिस
- बुधवार को एक्टिव फायर लोकेशन के 11 मामले चिह्नित, 631 में 236 स्थानों पर पराली जली
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा में पराली जलाने वालों की निगरानी में विफल अधिकारियों और कर्मचारियों पर हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग सख्त हो गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग भी सख्त है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अभी तक 22 कर्मचारियों को कार्रवाई के लिए नोटिस थमा दिए हैं।
कृषि विभाग की बात करें तो बुधवार को कार्रवाई का ब्योरा सामने आया है, जिसमें अभी तक 16 नोडल व सुपरवाइजर अधिकारी निलंबित किए जा चुके हैं, जबकि 287 को कारण बताओ नोटिस थमाए गए हैं। बुधवार को एक्टिव फायर लोकेशन (एएफएल) के 11 नए मामले चिह्नित किए गए हैं।
हरियाणा कृषि एवं कल्याण विभाग के अनुसार, प्रदेश में बासमती धान की कटाई का कार्य 94.26 प्रतिशत और नाॅन बासमती धान की कटाई का यही कार्य 98.41 प्रतिशत पूरा हो गया है। फिर भी एएफएल से संबंधित मामले सामने आ रहे हैं। बुधवार को हिसार, झज्जर, जींद, कैथल, पलवल में 1-1 मामला चिह्नित किया गया। रोहतक और सोनीपत में 3-3 मामले सामने आए और इस तरह से अभी तक एएफएल के मामलों की संख्या 642 हो गई। विभाग ने अभी तक 631 मामलों की जांच कराई, जिसमें 236 स्थानों पर पराली जलते हुए पाई गई। यही कारण है कि अभी तक 228 किसानों पर एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। 248 किसानों की मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल पर रेड एंट्री दर्ज की जा चुकी है। विभाग हिसार में 6 कर्मचारियों को निलंबित कर चुका है, जबकि 287 नोडल अधिकारियों व सुपरवाइजरों को कारण बताओ नोटिस अभी तक दिए जा चुके हैं। इनमें फतेहाबाद में 46, हिसार में 14, जींद में 79, कैथल में 75, करनाल में 14, पलवल में 29, रोहतक में 42, सिरसा में 23, सोनीपत में 51 और यमुनानगर जिले में 5 कारण बताओ नोटिस शामिल हैं। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने फतेहाबाद में 3 और जींद में 19 नोटिस दिए हैं।