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Noida News: सरकारी खरीद से पहले ही एमएसपी पर पहुंचे सरसों के दाम, किसान खुश

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-मेवात की मंडियों में सरसों की खरीद शुरू, 6200 रुपये प्रति क्विंटल का है भाव
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- अंतरराष्ट्रीय हालात और पाम ऑयल आयात में कमी से बढ़ी सरसों तेल की मांग
-अब तक करीब 10 हजार क्विंटल सरसों की खरीद, मंडियों में बढ़ रही आवक
शेरसिंह डागर
नूंह। मेवात क्षेत्र की मंडियों में रबी सीजन की प्रमुख फसल सरसों की आवक शुरू होते ही खरीद तेज हो गई है। इस बार किसानों को सरसों के अच्छे दाम मिल रहे हैं। मंडियों में सरसों गीली सरसों 5800 सौ तक तो सूखी 6200 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक रही है, जो सरकारी खरीद शुरू होने से पहले ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर पहुंच गई है।
बताते चलें कि सरकार ने सरसों का एमएसपी 6200 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। बेहतर भाव मिलने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं और वे अपनी उपज तेजी से मंडियों में लेकर पहुंच रहे हैं। मंडी व्यापारियों के अनुसार, नूंह जिले सहित मेवात क्षेत्र की विभिन्न मंडियों में अब तक करीब 10 हजार क्विंटल सरसों की खरीद हो चुकी है। फिलहाल सरसों की आवक शुरुआती दौर में है, लेकिन आने वाले दिनों में इसकी मात्रा तेजी से बढ़ने की संभावना है। मंडियों में सुबह से ही किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की लाइन लगनी शुरू हो जाती है।
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व्यापारियों का कहना है कि इस बार सरसों के दामों में तेजी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान, इजराइल तथा अमेरिका के बीच चल रहे टकराव के कारण खाद्य तेलों के वैश्विक बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। इसके अलावा पाम ऑयल के आयात में कमी आने से घरेलू बाजार में सरसों तेल की मांग बढ़ गई है, जिसका सीधा फायदा किसानों को बेहतर कीमत के रूप में मिल रहा है।
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दाम बढ़ने का असर रसोई पर
खाद्य तेलों के दाम बढ़ने का असर आम लोगों की रसोई पर भी देखने को मिल रहा है। सरसों तेल और अन्य खाद्य तेल महंगे होने से घरों का रसोई बजट बढ़ गया है। हालांकि किसानों के लिए यह स्थिति राहत देने वाली साबित हो रही है, क्योंकि उन्हें अपनी फसल का अच्छा मूल्य मिल रहा है।
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किसानों ने ली राहत की सांस

गांव मालब के किसान सलीम खान का कहना है कि इस बार सरसों की फसल अच्छी हुई है और मंडी में भी अच्छा भाव मिल रहा है। अगर भाव इसी तरह बने रहे तो किसानों को काफी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लागत बढ़ने के कारण खेती करना मुश्किल हो गया था, लेकिन इस बार दाम बेहतर मिल रहे हैं। गांव मेवली के आशु का कहना है अभी सरसों की आवक शुरू ही हुई है और मंडी में 6 हजार रुपये तक भाव मिल रहा है, जो किसानों के लिए संतोषजनक है। उनका कहना है कि अगर सरकारी खरीद शुरू होने तक बाजार में भाव मजबूत रहे तो किसानों को काफी फायदा होगा। वहीं गांव फिरोजपुर झिरका के किसान इकरामुद्दीन का कहना है कि इस बार मौसम भी अनुकूल रहा और उत्पादन भी ठीक हुआ है। मंडी में बेहतर भाव मिलने से किसानों का हौसला बढ़ा है।
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15 मार्च तक चरम पर होगी आवक
मंडी से जुड़े आढती सतपाल, रघुराज, राहुल का कहना है कि 15 मार्च तक मेवात की मंडियों में सरसों की आवक चरम पर पहुंचने की संभावना है। ऐसे में आने वाले दिनों में खरीद का आंकड़ा तेजी से बढ़ेगा और मंडियों में व्यापारिक गतिविधियां और तेज होंगी। इस बार सरसों के दाम तेज हैं। युद्ध भी एक कारण है।
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