गाजियाबाद। सीवर से निकलने वाले गंदगी (स्लज) से बायो सीएनजी गैस तैयार करने के लिए नगर निगम की ओर से टेंडर जारी किया गया है। सीवर की गंदगी से निकलने वाली गैसों को बायो सीएनजी में बदला जाएगा। इसके प्लांट को लगाने के लिए निगम की ओर से पूरी तैयारी कर ली गई है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पीपीपी मॉडल पर इसको संचालित किया जाएगा।
जलकल महाप्रबंधक केपी आनंद ने बताया कि डूडाहेड़ा स्थित 70 एमएलडी एसटीपी प्लांट पर वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट के समय पैदा होने वाली हानिकारक गैसों को खत्म करने के लिए निगम की ओर से बायो सीएनजी प्लांट तैयार किया जाएगा। इसके लिए निविदा मांगी गई है। जलकल विभाग की ओर से राजस्व की प्राप्ति के लिए योजना बनाते हुए कार्य किया जा रहा है। जिसमें प्लांट के सीवेज वॉटर ट्रीटमेंट के दौरान उपकरणों का इस्तेमाल करते हुए मिथेन व हाइड्रोजन सल्फाइड गैस को संग्रहित करते हुए बायो सीएनजी गैस बनाने का कार्य किया जाएगा। जो लाभदायक सिद्ध होगी।
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने बताया कि एसटीपी प्लांट पर वेस्ट वाटर ट्रीटमेंट के क्रम में कई हानिकारक गैस पैदा होती है। इसको पीपीपी मॉडल पर बायो सीएनजी में बदलने के लिए प्लांट तैयार करने के लिए कार्य किया जा रहा है। जल निगम की कार्यदाई संस्था वीए टेक वेबग लिमिटेड की ओर से जहरीली गैसों को संग्रहित करते हुए पर्यावरण अनुकूल बनाया जाएगा। इस सीएनजी का उपयोग नगर निगम के वाहनों में भी किया जाएगा। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में प्रारंभ किया जा रहा है। जिसको तैयार करने में एक वर्ष का समय लगेगा। प्लांट तैयार होने के बाद प्रतिदिन लगभग 1500 किलो बायो सीएनजी गैस बनाई जा सकेगी।