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Noida News: अवैध कनेक्शन मामले में जांच के दायरे में निगम के कर्मचारी

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अवैध कनेक्शन मामले में जांच के दायरे में निगम के कर्मचारी
- निगम के ऊपर भी लगा चुके हैं अवैध वसूली के आरोप, रूटीन सर्वे में नहीं किया गया कभी खुलासा

माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। डूब क्षेत्र में आखिर इतना बड़ा सिंडिकेट तैयार कैसे हुआ इसकी जांच कराई जा रही है। मामले में विद्युत निगम के कर्मचारी लिप्त हैं या नहीं इस एंगल से भी जांच की जा रही है। सिंडिकेट से निगम को प्रतिमाह करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचता था। रिपोर्ट के बाद ये बात सामने आई है। माना जा रहा है ये सिंडिकेट काफी सालों से चल रहा था।
वर्ष 2017 में हिंडन किनारे बसे चोटपुर, पर्थला गांव और बहलोलपुर जैसे इलाकों में बिजली के नए कनेक्शन दिए जाने पर रोक लगा दी गई थी। शहर के बाकी इलाकों के मुकाबले कम दरों में जमीन मिलने की वजह से बसावट बढ़ती चली गई। परिवार बढ़े तो मूलभूत सुविधाओं में शुमार बिजली की भी आवश्यकता पड़ी। इसके बाद डूब क्षेत्र में सिंडिकेट फैलता ही चला गया। सिंडिकेट ने बाकायदा ट्रांसफार्मर, बिजली की लाइनें, देखरेख के लिए अपने कर्मचारी इत्यादि का बंदोबस्त कर दिया। यहां पर बिजली निगम की तय दरों के अनुसार बिल नहीं था। बल्कि सिंडिकेट की बनाई दरों के अनुसार निवासी भुगतान किया लोग करते थे। वहीं मुख्य अभियंता एसके जैन ने बताया मामले में जांच की जा रही है। जो भी लोग सामने आएंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
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तो रूटीन सर्वे नहीं करती थी निगम की टीम
निगम के काम का एक भाग यह भी है कि नियमित अपने क्षेत्र में सर्वे करे। अगर निगम की टीम अपने कार्यक्षेत्र में नियमित सर्वे करती तो ऐसी स्थिति ही नहीं बनती। सर्वे के दौरान बिछाई गई एलटी लाइन, ट्रांसफार्मर और मीटर की जानकारी मिल सकती थी।
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