इकाइयों की संख्या 23.2 फीसदी बढ़ी, निवेश 1816.9 करोड़ रुपये तक पहुंचा
ऋषभ कौशल
नोएडा। जिले में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) की ताकत साल दर साल बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले में पंजीकृत एमएसएमई इकाइयों की संख्या 47,050 से बढ़कर 57,955 हो गई। यानी इस बार अभी तक 23.2 फीसदी की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है।
जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों के अनुसार, उद्योगों के विस्तार के साथ निवेश और रोजगार के आंकड़ों में भी बढ़ोतरी हुई है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में एमएसएमई क्षेत्र में कुल निवेश 1,470.4 करोड़ रुपये था, जो 2025-26 में बढ़कर 1,816.9 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान निवेश में करीब 23.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रोजगार के मामले में भी जिले के छोटे उद्योगों का योगदान बढ़ा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में एमएसएमई इकाइयों से जुड़े रोजगार की संख्या 3,34,541 अनुमानित थी। वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर करीब 4,31,194 हो गई। यानी एक साल में 96,653 रोजगार जुड़े। रोजगार के आंकड़ों में करीब 28.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
माइक्रो इकाइयों की सबसे बड़ी हिस्सेदारी : आकड़ों के अनुसार, जिले में एमएसएमई क्षेत्र की कुल इकाइयों में सूक्ष्म यानी माइक्रो श्रेणी के उद्योगों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 57,955 इकाइयों में से 57,748 माइक्रो श्रेणी की थीं। वहीं, छोटी श्रेणी में 163 और मध्यम श्रेणी में 40 इकाइयां दर्ज की गईं। निवेश के लिहाज से मध्यम उद्योगों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई। इन इकाइयों में निवेश 2024-25 के 372.8 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 820.1 करोड़ रुपये हो गया। यह करीब 120 प्रतिशत की वृद्धि है।
इस साल चार महीनों में 20 हजार से अधिक इकाइयां : वित्तीय वर्ष 2026-27 के अप्रैल से जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 20,793 एमएसएमई इकाइयां दर्ज की गईं। इनसे जुड़े रोजगार की संख्या 1,42,098 बताई गई है। इस अवधि में कुल निवेश 508 करोड़ रुपये रहा। वर्ष के अंत तक जिले में एमएसएमई इकाइयों की संख्या 60 हजार तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
एक नजर में एमएसएमई की तस्वीर
आकड़ें 2024-25 2025-26 2026-27
कुल इकाइयां 47,050 57,955 20,793
कुल निवेश 1,470.4 1,816.9 508 (करोड़ रुपये में )
रोजगार 3,34,541 4,31,194 1,42,098
-(आकड़े जिला उद्योग केंद्र से प्राप्त)
जिले में एमएसएमई की संख्या बढ़ रही है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी के चलते निवेशक नोेेएडा को प्राथमिकता देते हैं, यहां सभी तरह की मार्केट का भी बेहतर नेटवर्क मिलता है।
-पंकज निर्वाण, जिला उद्योग उपायुक्त, गौतमबुद्ध नगर