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निक्की हत्याकांड में सास को जमानत: चश्मदीद के बयान और CCTV फुटेज बने अहम आधार, जानें हाईकोर्ट ने और क्या कहा

Fri, 13 Feb 2026 08:36 PM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

बहुचर्चित निक्की हत्याकांड मामले में आरोपी सास दया को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामले में प्रत्यक्षदर्शी के बयान और सीसीटीवी फुटेज से यह स्पष्ट नहीं होता कि घटना के समय आरोपी मौके पर मौजूद थी।
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निक्की हत्याकांड में सास को मिली जमानत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कासना कोतवाल क्षेत्र के सिरसा गांव में निक्की हत्याकांड के चर्चित मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी सास दया जमानत दी है। न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकलपीठ ने कहा कि मामले में प्रत्यक्षदर्शी के बयान और सीसीटीवी फुटेज से प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट नहीं होता कि घटना के समय आरोपी मौके पर मौजूद थी। ऐसे में विचाराधीन ट्रायल के दौरान उसे जमानत का लाभ दिया जाना न्यायोचित है।

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अभियोजन के अनुसार, मामला कासना कोतवाली से संबंधित है। निक्की की शादी आरोपी विपिन भाटी के साथ हुई थी। आरोपी दया मृतका की निक्की की सास हैं। आरोप है कि 21 अगस्त 2025 की शाम पारिवारिक विवाद के दौरान आरोपी पति ने निक्की पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। एफआईआर में यह भी आरोप लगाया गया कि सास ने पति को थिनर (ज्वलनशील पदार्थ) थमाया, जिसके बाद घटना को अंजाम दिया गया था।

'19 घंटे बाद दर्ज हुई एफआईआर'
वहीं बचाव पक्ष ने दलील दी कि एफआईआर घटना के लगभग 19 घंटे बाद दर्ज की गई। जिसका कोई ठोस कारण नहीं बताया गया। इससे स्पष्ट है कि रिपोर्ट विचार-विमर्श के बाद दर्ज कराई गई। प्रारंभिक एफआईआर अत्यंत संक्षिप्त है और उसमें विस्तृत घटनाक्रम का उल्लेख नहीं है। बाद में दर्ज बयान में कहानी को विस्तार दिया गया, जो बाद की सोच का परिणाम प्रतीत होता है। निक्की के पुत्र ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वह गृहकार्य कर रहा था। तभी उसके माता-पिता के बीच झगड़ा हुआ।

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घटना के वक्त घर पर नहीं थी सास
पिता ने मां पर तरल पदार्थ डालकर लाइटर से आग लगा दी और मौके से भाग गया। बच्चे ने स्पष्ट कहा कि घटना के समय घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। जांच अधिकारी द्वारा पूछे गए विशेष प्रश्न के जवाब में उसने सास सहित अन्य परिजनों की मौजूदगी से इनकार किया। बचाव पक्ष ने अस्पताल और पड़ोसी दुकान के सीसीटीवी फुटेज का हवाला दिया। अस्पताल के फुटेज में आवेदिका घायल बहू को स्ट्रेचर पर चढ़ाने और भर्ती कराने में मदद करती दिख रही हैं।

निक्की के जेठ और ससुर को मिल चुकी है जमानत
पड़ोसी दुकान के फुटेज में घटना की सूचना मिलते ही आरोपी को घर की ओर भागते देखा गया। अगर आरोपी स्वयं घटना में शामिल होतीं तो वह पीड़िता को अस्पताल ले जाने और उपचार में सहयोग नहीं करतीं। कोर्ट के समक्ष यह भी रखा गया कि सह-आरोपी मृतका के जेठ रोहित और ससुर सत्वीर को पूर्व में जमानत मिल चुकी है।

वहीं वादी पक्ष के अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि फरवरी 2025 की एक वीडियो रिकॉर्डिंग में आरोपी सास निक्की के साथ मारपीट करती दिखाई देती हैं, जो उनके पूर्व आचरण को दर्शाती है। साथ ही एफआईआर में उन्हें नामजद आरोपी बनाया गया है और उन पर ज्वलनशील पदार्थ देने की विशिष्ट भूमिका है।
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घटना के वक्त घर पर नहीं थी आरोपी सास
न्यायमूर्ति ने अपने बयान में कहा कि प्रत्यक्षदर्शी निक्की के पुत्र के बयान से स्पष्ट है कि घटना के समय आरोपी मौके पर मौजूद नहीं थीं। सीसीटीवी फुटेज उनके अस्पताल ले जाने और सहायता करने के आचरण की पुष्टि करता है। विचाराधीन मुकदमे के दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना फिलहाल प्रतीत नहीं होती। इन तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने बिना मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए जमानत याचिका स्वीकार कर ली। गौरतलब है कि मामले में मुख्य आरोपी विपिन भाटी अब भी जेल में है।


 
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