घटना के वक्त घर पर नहीं थी सास
पिता ने मां पर तरल पदार्थ डालकर लाइटर से आग लगा दी और मौके से भाग गया। बच्चे ने स्पष्ट कहा कि घटना के समय घर में कोई अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। जांच अधिकारी द्वारा पूछे गए विशेष प्रश्न के जवाब में उसने सास सहित अन्य परिजनों की मौजूदगी से इनकार किया। बचाव पक्ष ने अस्पताल और पड़ोसी दुकान के सीसीटीवी फुटेज का हवाला दिया। अस्पताल के फुटेज में आवेदिका घायल बहू को स्ट्रेचर पर चढ़ाने और भर्ती कराने में मदद करती दिख रही हैं।
निक्की के जेठ और ससुर को मिल चुकी है जमानत
पड़ोसी दुकान के फुटेज में घटना की सूचना मिलते ही आरोपी को घर की ओर भागते देखा गया। अगर आरोपी स्वयं घटना में शामिल होतीं तो वह पीड़िता को अस्पताल ले जाने और उपचार में सहयोग नहीं करतीं। कोर्ट के समक्ष यह भी रखा गया कि सह-आरोपी मृतका के जेठ रोहित और ससुर सत्वीर को पूर्व में जमानत मिल चुकी है।
वहीं वादी पक्ष के अधिवक्ता ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि फरवरी 2025 की एक वीडियो रिकॉर्डिंग में आरोपी सास निक्की के साथ मारपीट करती दिखाई देती हैं, जो उनके पूर्व आचरण को दर्शाती है। साथ ही एफआईआर में उन्हें नामजद आरोपी बनाया गया है और उन पर ज्वलनशील पदार्थ देने की विशिष्ट भूमिका है।
घटना के वक्त घर पर नहीं थी आरोपी सास
न्यायमूर्ति ने अपने बयान में कहा कि प्रत्यक्षदर्शी निक्की के पुत्र के बयान से स्पष्ट है कि घटना के समय आरोपी मौके पर मौजूद नहीं थीं। सीसीटीवी फुटेज उनके अस्पताल ले जाने और सहायता करने के आचरण की पुष्टि करता है। विचाराधीन मुकदमे के दौरान साक्ष्यों से छेड़छाड़ की संभावना फिलहाल प्रतीत नहीं होती। इन तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने बिना मामले के गुण-दोष पर टिप्पणी किए जमानत याचिका स्वीकार कर ली। गौरतलब है कि मामले में मुख्य आरोपी विपिन भाटी अब भी जेल में है।