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ग्रेटर नोएडा: एनेस्थीसिया ओवरडोज के आरोप में डायग्नोस्टिक सेंटर सील, MRI के बाद हुई थी मासूम की मौत

Fri, 13 Feb 2026 06:23 PM IST
अनुज कुमार माई सिटी रिपोर्टर, ग्रेटर नोएडा

सार

एनेस्थीसिया की कथित ओवरडोज से मासूम गर्व की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सेंटर को सील कर दिया है। पोस्टमॉर्टम में मौत का कारण स्पष्ट न होने पर पुलिस ने बिसरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा। परिजनों ने आरोप लगाया है, वहीं जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
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डायग्नोस्टिक सेंटर सील - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेक्टर पी-3 में संचालित केबी हेल्थ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर में डायग्नोस्टिक सेंटर में एनेस्थीसिया की ओवरडोज छह वर्षीय मासूम की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से गठित समिति शुक्रवार को सेंटर पहुंची। टीम ने जांच के बाद बिल्डिंग को सील कर दिया है। वहीं मासूम की मौत का पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं होने से बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए गाजियाबाद स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा है। बिसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।

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दनकौर क्षेत्र के रीलखा गांव निवासी प्रशांत के छह वर्षीय भतीजे गर्व कसाना उर्फ चीकू को काफी समय से दौरे पड़ रहे थे। सेक्टर-36 में एक प्राइवेट अस्पताल में डॉक्टर से परिजन गर्व का इलाज करा रहे थे। बीमारी की असल वजह पता करने के लिए डॉक्टर ने परिजन को गर्व की एमआईआर समेत अन्य जांच कराने की सलाह दी थी। बृहस्पतिवार को मासूम के चाचा प्रशांत अन्य परिजन के साथ गर्व की जांच कराने सेक्टर पी-3 में संचालित केेबी हेल्थ केयर डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंचे थे।

आरोप है कि डॉक्टरों ने एमआईआर से पहले गर्व को एनेस्थीसिया की डोज दी थी। जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी लगभग एक घंटे तक गर्व की बेहोशी नहीं टूटी। परेशान परिजन ने डॉक्टर को बताया तो उन्होंने कहा कि डोज दे दी है। जल्द ही बच्चे को होश आ जाएगा। आधा घंटे बाद भी होश नहीं आने पर अनहोनी की आशंका में परिजन आनन-फानन गर्व को नजदीकी अस्पताल ले गए। उक्त अस्पताल में डॉक्टर ने बच्चे काे मृत घोषित कर दिया। परिजन का आरोप है कि जांच के बाद सेंटर के डॉक्टर ने एनेस्थीसिया का ओवरडोज होने से बच्चे की मौत होने की आशंका जताई थी।
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घटना से आक्रोशित परिजन ने केबी हेल्थ केयर के डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की मौत होने का आरोप लगाते हुए धरना दिया था। कार्रवाई नहीं होने पर चेतावनी दी थी। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने मामले की जांच व उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजन को शांत कराकर घर भेजा था। मामले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी जांच टीम गठित की गई है।परिजन ने मामले में पुलिस को तहरीर दी है। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बच्चे की मौत का कारण पता नहीं चला है। बिसरा विधि विज्ञान प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा है। विभाग की मेडिकल जांच रिपोर्ट और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने पर मौत का कारण पता चलने पर आगे की कार्रवाई होगी।

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