दरअसल, भागदौड़ भरी जिंदगी में हर किसी के पास समय की कमी है। अपने काम को जल्दबाजी में पूरा करने की होड़ लगी रहती है। इसी जल्दबाजी के कारण जिम में किया गया व्यायाम फिटनेस को और बिगाड़ देता है। इसमें बिना मान्यता प्राप्त जिम प्रशिक्षकों की भूमिका भी काफी महत्वपूर्ण होती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि जिम जाना अच्छी बात हैं, लेकिन जिम को ज्वाइन करने से पहले अपने सेहत की अच्छी तरह से जांच करा लेनी चाहिए। अगर शारीरिक रूप से अनफिट हैं तो जिम जाने से बचें नहीं तो यह काफी खतरनाक हो सकता है। अक्सर लोग इसकी तरह की लापरवाही करते हैं। जिससे उनकी जानें भी चली जाती है।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
अक्सर जिम करते समय हृदयाघात की शिकायतें मिल रहे हैं। जिम करते समय अक्सर लोग मौत के शिकार हो रहे हैं। इसके पीछे जिम की विधि के बारे में अज्ञानता बड़ा कारण है। जिम करने से पहले वार्मअप करना जरूरी है। 40 साल के बाद जिम जा रहे हैं तो प्राथमिक स्वास्थ्य जांच करा लें। किसी प्रकार की दिक्कत है या बीपी आदि बढ़ा हो तो जिम जाने से परहेज करें। इससे हृदयाघात होने का खतरा अधिक रहता है। अगर किसी प्रकार की बीमारी है तो बिन मेडिकल फिटनेस के जिम जाने से बचना चाहिए।- डॉक्टर सिद्धार्थ सम्राट, कॉर्डियोलॉजिस्ट।
कुछ खिलाड़ी बॉडी बिल्डिंग के खेल में भविष्य संवारने के लिए जिम को ज्वाइन करते हैं। वहीं कुछ लोग अपना फिटनेस बनाए रखने के लिए जिम जाते हैं। जल्दी बॉडी बनाने के लिए अक्सर गलत सप्लीमेंट का उपयोग और अप्रशिक्षित ट्रेनर के चक्कर में फंस जाते हैं। इससे उनका शरीर और खिलाड़ी बनने का सपना टूट जाता है। खिलाड़ी के साथ फिटनेस बनाने के लिए जिम जाने वाले लोगों को ऐसे जिम का चयन करना चाहिए, जहां सभी मानकों का ध्यान रखा जाता है। - अनीस अहमद, यूपी बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन सचिव।
जिम के लिए क्या हैं मानक
कम से कम दो हजार स्क्वायर फीट की जगह होनी चाहिए।
कम से कम 25 से 30 प्रकार की मशीनों की व्यवस्था होनी चाहिए, जिससे पूरा टास्क पूरा किया जा सके।
जिम में डॉक्टर, डायटीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, मान्यताा प्राप्त प्रशिक्षक होना चाहिए।
जिम का तापमान औसत बनाए रखने के लिए एसी की व्यवस्था होनी चाहिए।
क्या बरतें सावधानी:
अधिक व्यायाम न करने से बचें
अपने फिटनेस को जल्द पाने के चक्कर में बहुत अधिक जिम करना भी खतरनाक साबित हो सकता है। शरीर की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए उसे अधिक दर्द न दें। अधिक जिम करने से थकान, नींद खराब हो जाना, कम उर्जा व लगातार मांसपेशियों में दर्द हो सकता है, जो स्वभाव को चिड़चिड़ा बना देता है।
प्रोटीन लेने में बरते सावधानी
डॉक्टरों और जिम प्रशिक्षकों का कहना है कि शरीर के हिसाब से जिम का समय तय करें साथ डॉक्टरों के सुझाए मात्रा के अनुरूप ही सप्लीमेंट का प्रयोग करें। इसकी अधिक व कम मात्रा भी खतरनाक साबित होती है। डॉक्टरों के सलाह के बिना किसी भी सप्लीमेंट का प्रयोग करने से परहेज करना चाहिए।
जिले में तकरीबन पांच हजार से अधिक जिम हैं, लेकिन पंजीकृत जिम की संख्या 130 के आसपास ही है। अपंजीकृत जिम संचालकों को नोटिस जारी कर पंजीकृरण कराने के लिए कहा जाएगा।- अनीता नागर, जिला उप क्रीड़ाधिकारी नोएडा।