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50 प्रतिशत से अधिक लोग थे संक्रमण की चिंता से ग्रसित

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ग्रेटर नोएडा। कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) ने कोविड काल के दौरान एक से 10 मई 2020 के बीच ऑनलाइन एक सर्वे कराया था। जिसकी रिपोर्ट सोमवार को सार्वजनिक किया गया। इसमें दावा किया गया है करीब 50 प्रतिशत से अधिक लोग संक्रमण को लेकर चिंतित थे।
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जिम्स के निदेशक ब्रिगेडियर डॉक्टर राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन सर्वे के लिए तीन डॉक्टरों की टीम बनाई गई। इसमें डॉक्टर दीप्ति चोपड़ा, डॉक्टर भारती भंडारी,, डॉक्टर किरण जाखड़ शामिल थीं। सर्वे में करीब 1100 लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई व सवालों के जवाब दिए। इनमें से अधिकांश लोगों का जवाब था कि वह कोरोना संक्रमण से काफी सहमे हुए थे। सैकड़ों लोगों ने स्वयं से भी दवाइयां खरीदकर खाना शुरू कर दिया था।
इन विषयों को लेकर हुआ था सर्वे
सर्वे में इस बात का पता लगाना था कि कोविड को लेकर लोगों में कितनी चिंता हैं। वह इससे बचने के लिए क्या-क्या सावधानी बरत रहे हैं। उन्हें किस तरह की समस्या आ रही हैं।
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71 फीसदी से अधिक लोगों ने कहा
सामाजिक संपर्क से दूर हो गए हैं
सर्वे में स्वयं रेटिंग, चिंता स्केल व स्वयं दवा लेने वालों को कॉलम भरने के लिए कहा गया। 71 प्रतिशत से अधिक लोगों ने कहा कि वह सामाजिक संपर्क से दूर हो गए हैं। 86 प्रतिशत ने कहा कि महामारी ने उनकी सुरक्षा उपायों में सेंध लगा दी। हल्के से मध्यम, मध्यम से गंभीर और अत्यंत गंभीर चिंता के मामलों की संख्या 23.1, 4.7 और 0.5 प्रतिशत रही। करीब एक-चौथाई ने लक्षण के आधार पर स्वयं-दवा लेने की सूचना दी। जिसके बाद डॉक्टरों की टीम उन्हें स्वयं से दवाई का सेवन न करने व नजदीकी अस्पताल में जांच कराने का आश्वासन दिया।
कोरोना काल में एक ऑनलाइन सर्वे कराया था। इसमें लोगों से कोविड चिंता को लेकर सवाल किए गए थे। करीब 50 प्रतिशत से अधिक लोग संक्रमण से डरे हुए थे। हालांकि तीसरी लहर में लोग इस तरह के डर से उबर चुके थे।
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- डॉक्टर ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता, निदेशक जिम्स।
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