हारिश के खाते से अबू सलेम और जफर सुपारी तक पहुंचता था पैसा
नोएडा। दिल्ली एनसीआर में डी कंपनी को बढ़ाने के लिए कुख्यात अबू सलेम ने पूरी तैयारी कर रखी थी। अबू सलेम, जफर सुपारी और खान मुबारक ने नोएडा से गिरफ्तार गजेंद्र सिंह को पार्टनर बना रखा था। गजेंद्र जितनी उगाही नोएडा दिल्ली से करता था उसका बड़ा हिस्सा अबू सलेम और उसके साथियों को जाता था। यह पैसा जफर सुपारी के बेहद करीबी हारिश खान के माध्यम से अबू सलेम तक पहुंचता था। हारिश खान अभी मुंबई में रहता है और जफर सुपारी के जेल जाने के बाद उसका सारा काम यही देखता है।
दरअसल, 2014 में गजेंद्र सिंह एक शख्स के माध्यम से अबू सलेम के भाई अबू जैश से मिला था। इसके बाद अबू सलेम से गजेंद्र की मुलाकात हुई और जफर सुपारी के माध्यम से नोएडा में प्रॉपर्टी में पैसा लगाने और वसूली करने की साजिश रची गई। तभी नोएडा में यह काम शुरू करने के लिए जफर ने अपने विश्वासपात्र हारिश खान को नोएडा भेजा था। इसके बाद से नोएडा का काम अबू सलेम गिरोह की तरफ से हारिश खान के जिम्मे में आ गया। हारिश नोएडा दिल्ली में कई एग्रीमेंट में गवाह भी है। गजेंद्र सिंह ने डी कंपनी के साथ मिलकर नोएडा में सबसे पहले 5 प्रतिशत प्लॉट को लेकर काम शुरू किया था। खरीद बिक्री करने के बाद काफी पैसा कमाया फिर प्लॉट के नाम पर वसूली करने लगा।
20 से अधिक बार अबू सलेम से मिला था गजेंद्र
एसटीएफ की प्राथमिक जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी गजेंद्र सिंह 20 से अधिक बार अबू सलेम से मिल चुका है। 2014 और 15 में काफी मुलाकातें हुई। एसटीएफ को कई तस्वीरें भी मिली हैं। इसकी भी जांच की जा रही है। एसटीएफ के अधिकारियों का कहना है कि इन लोगों ने नोएडा दिल्ली के कई बिजनेसमैन से वसूली की है। इनके खातों की जांच की जा रही है और इसकी जांच के बाद ही पता चलेगा कि कितने लोगों से इन लोगों ने वसूली की थी।
एसटीएफ ने मुंबई एटीएस से किया संपर्क
गजेंद्र की गिरफ्तारी के बाद यूपी एसटीएफ ने नोएडा एटीएस से संपर्क किया है। नोएडा एटीएस से इस मामले में पूरी जानकारी ली जा रही है। जफर सुपारी और खान मुबारक अभी जेल में बंद हैं, लेकिन हारिश खान मुंबई में रह रहा है। एसटीएफ मुंबई एटीएस के माध्यम से इस पूरे बैंक के बारे में जानकारी ले रही है।