अबू सलेम के सहयोगी को साथी सहित नोएडा से किया गिरफ्तार
नोएडा। डी कंपनी के कुख्यात बदमाश और 1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट के आरोपी अबू सलेम के सहयोगी समेत दो लोगों को एसटीएफ ने नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी डी कंपनी के नाम पर नोएडा सहित पूरे एनसीआर में वसूली करते थे। साथ ही, डी कंपनी के बदमाशों का पैसा प्रापर्टी में निवेश कराते थे। गिरफ्तार आरोपी की तस्वीरें अबू सलेम और कुख्यात बदमाश जफर सुपारी के साथ भी मिले हैं।
एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक राजकुमार मिश्रा के मुताबिक, एसटीएफ को यह सूचना मिल रही थी कि अबू सलेम का साथी एनसीआर में सक्रिय है। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने बुधवार को सेक्टर-20 से गजेंद्र सिंह और उसके साथी संजय शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में गजेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि उसके संबंध अबू सलेम, खान मुबारक, जफर सुपारी से हैं। इनसे कई बार मुलाकात भी हुई है। डी कंपनी का पैसा प्रापर्टी में लगाने के अलावा लोगों से उगाही करते हैं। 2014 में दिल्ली के एक व्यापारी से प्लॉट के नाम पर गजेंद्र सिंह ने 1.80 करोड़ रुपये लिए थे और पैसा मांगने पर खान मुबारक के शूटर से हमला करा दिया था। नोएडा के विनीत चौहान नामक से भी इन लोगों ने फर्जी प्लॉट का एग्रीमेंट कराकर 52 लाख रुपये ऐंठे थे। जब विनीत नेे गजेंद्र से पैसे मांगे तो अबू सलेम के नाम से धमकी देकर चुप करा दिया गया था। गजेंद्र के पास से अलग-अलग पैन कार्ड मिले हैं जिससे कई बैंक अकाउंट खोले गए हैं। सेक्टर-20 निवासी गजेंद्र सिंह 38 साल का है और 10वीं फेल है। यह नोएडा में रहकर प्रॉपर्टी का काम करता है। इसके एक रिश्तेदार की शादी बदमाश सुंदर भाटी के भतीजे से हुई है। दिल्ली में सुंदर भाटी से कई बार इसकी मुलाकात भी हुई है। गाजियाबाद का गैंगस्टर आजाद बंसल गजेंद्र का जीजा है।
ऐसे आया संपर्क में और करने लगा उगाही
एसटीएफ की पूछताछ में गजेंद्र ने बताया कि वर्ष 2014 में एक व्यक्ति के माध्यम से अबू सलेम के भाई लखनऊ निवासी अबू जैश से मिला था। फिर अबू जैश ने उसकी मुलाकात मुंबई कोर्ट में अबू सलेम से कराई थी। वहीं पर अंबेडकर नगर का कुख्यात बदमाश जफर सुपारी भी था। यहीं से जफर सुपारी के साथ संपर्क में आया। इसके बाद नोएडा-एनसीआर में प्रॉपर्टी में पैसा लगाने पर उगाही करने की साजिश रची। जफर सुपारी ने अपने खास हारिश खान को नोएडा भेजा था और उन लोगों ने फर्जी प्लॉट दिखाकर उगाही का काम शुरू कर दिया। एसटीएफ ने गजेंद्र सिंह के साथ सूरजपुर निवासी संजय शर्मा को भी गिरफ्तार किया है जो इसके साथ काम करता है।
सेक्टर-18 में कराई थी फायरिंग
गजेंद्र सिंह ने दिल्ली के एक व्यापारी मुकेश भार्गव से प्लॉट दिलाने के नाम पर 1.80 करोड़ रुपये लिए थे। इसके कुछ पैसे खान मुबारक के गुर्गों को दिए गए थे। इससे कानपुर में एक फॉरच्यूनर कार खरीदी गई थी। इसका इस्तेमाल खान मुबारक और जफर सुपारी ने किया था। जब मुकेश ने पैसों की मांग की तो 28 मई 2014 को खान मुबारक के गुर्गों ने सेक्टर-18 में मुकेश पर गोली चला दी जिसमें मुकेश बाल-बाल बच गए थे। इस मामले में कोतवाली सेक्टर-20 में मुकदमा भी दर्ज किया गया था।
खान मुबारक को घर में दी थी पनाह
खान मुबारक को गजेंद्र सिंह ने कई बार मदद भी की थी। वर्ष 2015 में खान को जब मुंबई और यूपी पुलिस तलाश रही थी तब गजेंद्र ने अपने घर में इसे छिपाया था। बाद में यूपी एसटीएफ ने 2017 में खान को मिर्जापुर से गिरफ्तार किया था एसटीएफ की जांच में यह पता चला है कि गजेंद्र की खाते से अबू सलेम, जफर सुपारी, खान मोहम्मद के गैंग के कई लोगों से लेनदेन हुआ है।