डीएमआरसी ने बेहतर यात्रा अनुभव देने की दिशा में उठाया कदम
20 साल पुराने कोच किए जा रहे अपग्रेड
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो की रेड लाइन के यात्री अब पुराने कोच में भी नई सुविधाओं का अनुभव कर पाएंगे। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) ने 20 साल पुराने कोचों को आधुनिक रूप देने के लिए अपनी मिड-लाइफ रिनोवेशन परियोजना के तहत इन्हें पूरी तरह अपग्रेड करना शुरू कर दिया है। यह परियोजना राजधानी की सबसे पुरानी मेट्रो लाइन पर चल रही ट्रेनों को हाईटेक बनाकर यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
अपग्रेडे कोच में सबसे बड़ा आकर्षण लाइव रूट मैप और एस्टिमेटेड टाइम ऑफ अराइवल (ईटीए) डिस्प्ले का लगना है। यात्री अब यह देख सकेंगे कि अगला स्टेशन कितनी देर में आएगा, आगे कौन-कौन से स्टेशन हैं और ट्रेन टर्मिनल तक कब पहुंचेगी। यह सुविधा अब तक केवल नई लाइनों की ट्रेनों में उपलब्ध थी। डीएमआरसी के अनुसार, पुरानी रेक्स यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नई तकनीक से लैस की जा रही हैं ताकि सूचना पारदर्शी रूप से यात्रियों तक पहुंचे और यात्रा का अनुभव सुगम हो। पहले चरण में 30 ट्रेनें अपग्रेड की गई हैं। इनमें सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग प्वाइंट, डिजिटल सूचना प्रणाली, स्मोक और हीट डिटेक्शन सिस्टम, नई फ्लोरिंग व री-पेंटेड इंटीरियर, आधुनिक इलेक्ट्रिकल पैनल और रिले सिस्टम लगाया गया है। बताया जा रहा है कि डीएमआरसी अपनी पुरानी 70 ट्रेनों को भी अपग्रेड कर रहा है। एक ट्रेन को आधुनिक स्वरूप देने में लगभग 40 दिन लगते हैं। अगले दो से ढाई वर्ष में ब्लू लाइन (नोएडा–द्वारका कॉरिडोर) की लगभग 22 ट्रेनें भी इसी तरह अपग्रेड की जाएंगी। पुराने कोचों को आधुनिक सुविधाओं से अपडेट करने से डीएमआरसी को नई ट्रेन खरीदने के भारी खर्च से राहत मिलेगी।