नूंह। प्रदेश सरकार ने राजकीय स्कूलों को शिक्षा का उत्कृष्ट केंद्र बनाने के लिए प्रत्येक खंड में इन विद्यालयों को मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बना दिया है। जिले के इन विद्यालयों को सीबीएसई बोर्ड से मान्यता दिलवाकर दाखिला प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इन स्कूलों के विद्यार्थी बड़े शहरों के मॉडल स्कूल की तर्ज पर अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा ग्रहण करेंगे। उपायुक्त अजय कुमार ने कहा कि सरकार का यह प्रयास सराहनीय है।
संस्कृति मॉडल स्कूल के जिला नोडल अधिकारी ने बताया कि इन स्कूलों का स्टाफ भी अलग कैडर का है। प्रथम कक्षा से ही अंग्रेजी और हिंदी मीडियम की पढ़ाई की व्यवस्था है। कक्षा एक से नौवीं तक एक सेक्शन अंग्रेजी माध्यम का होगा। पहली से पांचवीं तक 30 विद्यार्थी एक सेक्शन में होंगे। छठी से आठवीं कक्षा तक 35 तथा नौवीं से ग्यारहवीं तक अधिकतम 40 विद्यार्थी एक सेक्शन में होंगे। शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इन स्कूल में नाम मात्र की एक मुश्त दाखिला धनराशि और मासिक फीस ली जाएगी। यह धनराशि स्कूल की बेहतरी के लिए स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा खर्च की जाएगी। संस्कृति स्कूल में एक लाख अस्सी हजार से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चों के लिए 20 प्रतिशत तथा एक लाख अस्सी हजार से दो लाख चालीस हजार रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों के बच्चों के लिए दस प्रतिशत सीट आरक्षित करने का प्रावधान है, ताकि कमजोर वर्ग के बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा प्राप्त हो सके।
दाखिले के लिए आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के लिए जन्म प्रमाण पत्र, रिहायशी प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र अनिवार्य है। आवेदन फार्म स्कूल में निशुल्क मिलेगा। दस्तावेज के अभाव में दाखिले के लिए मना नहीं किया जाएगा। नोडल अधिकारी ने कहा कि आरक्षित सीटें खाली रहने पर सामान्य श्रेणी से सीटों को भरा जाएगा। प्रथम कक्षा में दाखिले के लिए आयु सीमा पांच वर्ष कम से कम निर्धारित की गई है।