अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) के ओखला विधायक अमानतुल्लाह खान ने वर्ष 2023 के मारपीट मामले में दिल्ली पुलिस पर पक्षपातपूर्ण जांच का आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। विधायक ने दावा किया है कि उनकी निर्दोषता साबित करने वाले अहम सबूतों को जांच एजेंसी ने नजरअंदाज कर दिया। राउज एवेन्यू स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल की अदालत में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने मामले में आरोप तय करने के आदेश फिलहाल टाल दिए हैं। साथ ही, अदालत ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर 24 अप्रैल को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
पूरा मामला एक अक्तूबर 2023 को जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के गेट नंबर-10 के पास का है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता वहां सीसीटीवी कैमरे लगा रहा था, तभी अमानतुल्लाह खान वहां पहुंचे। उन्होंने शिकायतकर्ता के साथ अभद्रता की और उसे थप्पड़ मार दिया। पुलिस का यह भी आरोप है कि विधायक ने शिकायतकर्ता के नियोक्ता (एक वरिष्ठ इंजीनियर) को धमकी भी दी। झड़प में घायल होने के बाद शिकायतकर्ता को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अपनी याचिका में अमानतुल्लाह खान ने पूरी तरह से आरोपों से इन्कार किया है। उनका दावा है कि घटना के समय वह जामिया नगर में मौजूद ही नहीं थे, बल्कि सरिता विहार में एक कार्यक्रम में शामिल थे।