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Noida News: राजस्थान के खाटूश्याम धाम पर मिले लापता पार्षद संजय, मनोचिकित्सक से जांच के बाद परिजनों के हवाले किया

Wed, 22 Oct 2025 12:55 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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21jjrp15- केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत को बुका देकर स्वागत करता जिला पार्षद संजय मुंडाहेड़ा। फा
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साल्हावास। गत रविवार को सात पेज का सुसाइड नोट छोड़कर संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुए वार्ड 13 के पार्षद संजय सिंह मुंडाहेडा को सोमवार शाम को खाटू श्याम से बरामद कर लिया है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के नाम छोड़े गए 7 पेज के सुसाइड नोट के पन्नों के नोट ने जिले की सियासत को हिला दिया था, जिसमें भाजपा के दो बड़े नेताओं पर आरोप लगाए गए थे।
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साल्हावास थाना प्रभारी हरेश कुमार ने जिला पार्षद के खाटू श्याम से बरामद होने की पुष्टि की है। सोमवार देर शाम तक उन्हें साल्हावास लाया गया और उसके बाद उन्हें पीजीआई रोहतक ले जाया गया, जहां मंगलवार को पीजीआई रोहतक में मनोचिकित्सक से उनकी जांच व मेडिकल करवाने के उपरांत उन्हें सकुशल परिजनों के हवाले कर दिया गया। पार्षद के मिलने से भाजपाईयों ने राहत की सांस ली है।
गौरतलब है कि जिला पार्षद संजय जांगड़ा सीएम नायब सिंह सैनी के नाम 7 पन्ने का एक नोट छोड़कर रविवार को लापता हो गए थे। उन्होंने नोट में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ और झज्जर के जिला परिषद चेयरमैन कप्तान बिरधाना पर आरोप लगाते हुए नोट में लिखा था कि इन लोगों ने उनके वार्ड में काम नहीं होने दिए। साथ ही अंत में सुसाइड कर जीवन समाप्त करने की बात लिखी हुई थी।
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डीसीपी से मिले पार्षद और पंचायत प्रतिनिधि

दिन भर के घटनाक्रम में दीपावली की रौनक के बीच सोमवार को पार्षद के लापता होने की खबर के बाद मुंडाहेड़ा गांव के प्रतिनिधियों और जिला परिषद के तीन पार्षदों का प्रतिनिधिमंडल पुलिस उपायुक्त जसलीन कौर से मिला था। प्रतिनिधियों ने इस पूरे मामले की तह तक जांच करने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की थी। डीसीपी जसलीन कौर ने भरोसा दिलाया था कि पुलिस इस मामले को संवेदनशीलता और पारदर्शिता से देख रही है।


सुसाइड नोट से ये बातें निकल कर आई सामने

जिला पार्षद संजय जांगड़ा ने सुसाइड नोट में लिखा मैं गांव मुंडाहेड़ा जिला झज्जर का स्थायी निवासी हूं और जिला परिषद का वार्ड-13 से सदस्य हूं। मैंने बीजेपी की जिला जनरल कमेटी के जिला सचिव पद पर भी काम किया है। 2024 विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव इस बात के साक्षी हैं कि मैंने कमर तोड़ मेहनत की थी और पार्टी के अलग-अलग कार्यक्रमों में भाग लेता रहता हूं। सुसाइड नोट में पार्षद ने लिखा कि आज 19 अक्तूबर से लगभग 15 दिन पहले मैं इससे (कप्तान बिरधाना) मिलने गया था। उस समय इसने बोला कि हमारी हाजिरी लगाया कर तभी तुम्हें ग्रांट मिलेगी और काम होंगे, नहीं तो कोई काम नहीं होंगे। मेरे साथ राजेंद्र शर्मा मास्टर था। उसने सारी बात बाहर बैठकर सुनीं थी। फिर भी मैंने हाथ जोड़कर कुछ काम करवा दिए।



किया राजनीतिक और व्यक्तिगत शोषण

सुसाइड नोट में पार्षद ने लिखा कि मेरा राजनीतिक शोषण और व्यक्तिगत शोषण करना शुरू कर दिया था। मैं शोषण सहन नहीं कर पा रहा था। मैंने कठोर सोच के साथ फैसला लिया कि जीना बेकार है। इस आदमी की वजह से मेरी जिंदगी बेकार हो गई। कहां जाऊं, क्या करूं? यह मेरे काम करेगा नहीं। जनता मुझे पूछेगी तो क्या जवाब दूंगा? कोई रास्ता नहीं दिखाई दे रहा है।

मैं सवा साल से परेशान, मेरे सपने मिट्टी में मिला दिए

पार्षद संजय ने सुसाइड नोट में लिखा कि मैंने बस एक ही बात सोची कि मुझे अपने वार्ड में विकास कार्य करवाने हैं, लेकिन मेरे सारे सपने अध्यक्ष ने और बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव ने मिट्टी में मिला दिए। मैं एक-सवा साल से परेशान हूं। वार्ड के लोग काम की कहते हैं, लेकिन मैं नहीं कर पाता।



अध्यक्ष और सचिव झज्जर में कर रहे पार्टी कमजोर

पार्षद संजय सिंह ने सुसाइड नोट में लिखा कि सीएम साहब मेरा आपसे निवेदन है कि ऐसी राजनीति करने वालों को ठीक करो। पार्टी और सरकार के लिए अध्यक्ष और राष्ट्रीय सचिव जैसे लोग ठीक नहीं। ये पार्टी और सरकार को मजबूत करने के बजाय जिला झज्जर में कमजोर कर रहे हैं। इसकी सही तरीके से जांच की जाए तो इसे कोई पंच भी न बनाए, अध्यक्ष तो दूर की बात है। मुझे मारने की बात से मैं आहत हो गया हूं। इसे जेल में डालो। मेरे परिवार को न्याय मिले और मेरे वार्ड के गांव के हिस्से के अनुसार ग्रांट मिले, काम हो, मेरे वार्ड का विकास हो। इस कप्तान के कारण मैं आज इस दुनिया को छोड़कर जा रहा हूं।


अध्यक्ष का रवैया लोगों के प्रति सही नहीं

पार्षद ने सुसाइड नोट में लिखा कि कुछ दिन पहले बिरड की पंचायत झज्जर आई थी। स्वास्थ्य मंत्री को कुछ काम देने थे तो सिग्नेचर करने को बोला। मैंने हस्ताक्षर कर दिया। उन्होंने कहा कि जिलाध्यक्ष के और करवा दो। जिलाध्यक्ष बोले कि अध्यक्ष के करवाओ, मैं बाद में करता हूं। उनके (कप्तान बिरधाना) पास आए तो बोला क्या है यह, नहीं होगा। उन्होंने साइन नहीं किए। उनका रवैया लोगों की प्रति गलत है। लोगों को अपना बनाना चाहिए। वे तो लोगों को तोड़ते हैं। जब मैंने कहा कि आपके रवैये के बारे में सबको बताऊंगा तो धमकी दी कि तेरे को गोली मरवा दूंगा, तेरा नाश कर दूंगा। मैं डर गया। अब क्या करूं? मेरे बच्चे हैं, परिवार है। इनका क्या होगा?



हाजिरी करने वाले और न करने वालों की लिस्ट बनती है अलग

पार्षद ने लिखा कि ओमप्रकाश जी को सारी बात पता है। हैरान हूं कि इतने बड़े नेता भी छोटी-छोटी हरकत करते हैं। वह हाजिरी करने वाले और न करने वालों की अलग-अलग लिस्ट बनाते हैं। विधानसभा बादली के लोग इनको कान का कच्चा बताते हैं।


लापता हुए संजय पार्षद को सकुशल खाटू श्याम से ढूंढ लिया है। मनोचिकित्सक से जांच करवाने के उपरांत परिजनों के हवाले कर दिया गया है।
- हरेश कुमार, इंस्पेक्टर व थाना प्रभारी, साल्हावास




सभी वार्डों में समान विकास करवाए जाते हैं। संजय के वार्ड में दो करोड़ रुपये काम के दिए गए। पूरी राशि एक वार्ड में नहीं लगाई जा सकती। जहां तक आरोप लगाने का सवाल है, वह पूरी तरह से बेबुनियाद हैं। ऐसे नोट छोड़कर कोई भी आरोप लगा सकता है। पुलिस ने पार्षद को बरामद कर लिया है। पुलिस ही सच्चाई का पता लगाएगी। मेरी तरफ से वार्डों में विकास के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही।
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- कप्तान बिरधाना, चेयरमैन, जिला परिषद
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