ऑपरेशन मुस्कान से की जाएगी लापता बच्चों की तलाश
ग्रेटर नोएडा। लापता बच्चों की तलाश के लिए पूर्व में चलाए गए ऑपरेशन मुस्कान की दूसरी कड़ी शुरू होने जा रही है। इस बार एनजीओ की मदद से गौतमबुद्ध नगर समेत दिल्ली-एनसीआर से लापता बच्चों की तलाश की जाएगी। पुलिस की तफ्तीश में वर्ष 2007 से 2019 तक 188 बच्चे लापता मिले हैं। सभी की जानकारी एनजीओ को सौंप दी गई है। वहीं, एसएसपी ने भी सभी कोतवाली प्रभारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं कि गुमशुदगी के मामलों को गंभीरता से लिया जाए।
एसपी देहात रणविजय सिंह ने बताया कि एनजीओ दिल्ली-एनसीआर में लापता बच्चों को तलाशने के लिए ऑपरेशन मुस्कान में काम करना चाहती है। एनजीओ की मदद के लिए थानों में 2007 से 2019 तक का डाटा खंगाला गया है। पड़ताल में 188 बच्चे लापता पाए गए हैं। इन बच्चों की खोजबीन पुलिस ने भी की थी। लेकिन, उनकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। सभी कोतवाली प्रभारी व चौकी इंचार्ज को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि गायब बच्चों की तलाश में एनजीओ पदाधिकारियों को मदद की जरूरत पड़ती है तो उनकी तुरंत ही सहायता की जाए। साथ ही थाना प्रभारी अपने स्तर से भी ऐसे बच्चों को ढूंढने का प्रयास करेंगे। वहीं, जो पुलिसकर्मी अच्छा काम करेगा, उसे पुरस्कृत भी किया जाएगा।
बच्चा चोरी गैंग तो सक्रिय नहीं?
जिले में काफी संख्या में बच्चे लापता होते रहते हैं। पुलिस प्रारंभिक चरण की जांच में ऐसे बच्चों की संख्या 188 मानकर चल रही है। लोगों का कहना है कि जिले में कोई बच्चा चोरी गैंग तो सक्रिय नहीं है। हालांकि, पुलिस अफसरों का कहना है कि कुछ बच्चे गुस्से में भी घर से निकल जाते है और नहीं मिल पाते हैं। दादरी के चिटेहरा गांव में दो परिवारों के बच्चे 15 साल पहले गायब हो गए थे, आजतक उनकी जानकारी नहीं हो सकी है। जहां तक बच्चा चोरी गैंग के सक्रिय होने की बात है तो पुलिस इस बिंदु को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।