नोएडा, ग्रेनो के दूर दराज के इलाकों से जोड़ने के लिए मंगाई गई थीं, परमिट नहीं मिलने से अटकी परियोजना
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। परिवहन निगम की ग्रामीण इलाकों को शहर से जोड़ने के लिए बनाई गई परियोजना अब प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ती दिख रही है। गांवों से शहरों तक बेहतर बस सुविधा देने के उद्देश्य से परिवहन निगम ने कुछ महीने पहले मिनी बसें मंगाई थीं। लेकिन अफसोस की बात है कि ये सभी बसें अब मोरना रोडवेज डिपो और ग्रेनो डिपो में खड़ी-खड़ी धूल खा रही हैं।
मिनी बसों को खास तौर पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा के दूर दराज के इलाकों से जोड़ने के लिए लाया गया था। सरकार का मकसद था कि जिन इलाकों में बड़े बस नहीं पहुंचते, वहां छोटे वाहनों के जरिए लोगों को सस्ती और सुरक्षित यात्रा सुविधा दी जाए। लेकिन परियोजना की शुरुआत से पहले ही यह योजना परमिट की फाइलों में उलझकर अटक गई। डिपो के अधिकारियों के अनुसार, बसों को चलाने के लिए जरूरी रूट परमिट और प्रशासनिक स्वीकृति अब तक जारी नहीं हो सकी है। संबंधित विभागों के बीच तालमेल की कमी के कारण प्रक्रिया लगातार टलती जा रही है। इस देरी से न सिर्फ सरकारी संसाधनों की बर्बादी हो रही है, बल्कि गांवों में रहने वाले हजारों लोगों को इसका नुकसान झेलना पड़ रहा है। रोज शहर आने-जाने वाले छात्र, मजदूर और महिलाएं अब भी निजी वाहनों और महंगी ई-रिक्शा सेवाओं पर निर्भर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ये मिनी बसें समय पर रूट पर चलाई जाती, तो ग्रामीण क्षेत्रों में यात्रा काफी आसान हो जाती। क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि परमिट के लिए आवेदन किया जा चुका है। मामला विभाग में ही अटका है।