चाइल्ड पीजीआई में शुरू होगा मिल्क बैंक, हुआ एमओयू
- चाइल्ड पीजीआई के सहयोग से एनजीओ करेंगे मिल्क बैंक को संचालित
-अगले छह महीने में शुरू होगा ब्रेस्ट मिल्क डोनेशन प्रोग्राम
फोटो एमओयू साइन करते हुए चाइल्ड पीजीआई के निदेशक प्रो. एके सिंह और एनजीओ के प्रतिनिधि।
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नवजात बच्चों को बेहतर सेहत और पोषण देने के लिए चाइल्ड पीजीआई में मिल्क बैंक की शुरुआत होगी। इसके लिए चाइल्ड पीजीआई ने एनजीओ सुषेण हेल्थ फाउंडेशन और धात्री मिल्क बैंक के साथ एमओयू साइन किया है। एमओयू के मुताबिक अगले दो साल तक एनजीओ मिल्क बैंक का खर्च उठाएंगे। चाइल्ड पीजीआई के प्रथम तल पर एनआईसीयू के पास मिल्क बैंक खुलेगा।
बृहस्पतिवार को एनजीओ के प्रतिनिधियों के साथ चाइल्ड पीजीआई के निदेशक प्रो. एके सिंह ने एमओयू साइन किया। संस्थान के डीन डॉ. डीके सिंह ने बताया कि लंबे समय से मिल्क बैंक शुरू करने के लिए प्रयास चल रहा था। अब इसे मूर्तरूप दे दिया गया है। जल्दी ही इसकी सेवाएं भी शुरू हो जाएंगीं। पहले चरण में महिलाओं और उनके परिजनों को ब्रेस्ट मिल्क डोनेशन के लिए जागरूक करना है। इसके साथ ही तकनीकी स्टाफ को मिल्क स्टोरेज और दूसरे कामों के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। छह महीने में इस प्रक्रिया को पूरा करना होगा। इसके साथ ही मिल्क स्टोरेज की क्षमता को विकसित कर डोनेशन की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी।
पहले छह महीने में यहां महिलाओं को अपने बच्चे को ठीक से ब्रेस्टफीडिंग कराने के बारे में भी सिखाया जाएगा। बताया जाएगा कि कैसे अपने बच्चे को सही पोषण देते हुए उनको संभावित नुकसान से बचा सकती हैं। उनको यह भी बताया जाएगा कि अतिरिक्त दूध को दूसरे जरूरतमंद नवजात के लिए वह डोनेट कर सकती हैं। इससे उस नवजात को जहां उचित पोषण मिल सकेगा वहीं, डोनेशन करने वाली महिला को भी मानसिक और शारीरिक रूप से इसके लाभ होंगे।
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अंतरराष्ट्रीय डाउन सिंड्रोम दिवस मनाया
चाइल्ड पीजीआई में बृहस्पतिवार को अंतरराष्ट्रीय डाउन सिंड्रोम दिवस भी मनाया गया। इसमें डाउन सिंड्रोम के बारे में मौजूद लोगों को बताया गया। इससे बचाव के लिए चाइल्ड पीजीआई में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं की भी जानकारी कार्यक्रम में दी गई। मेडिकल जेनेटिक्स के डॉ. मयंक निलय, चाइल्ड हेमेटोलॉजी आंकोलाजी से डॉ. नीता राधाकृष्णन, निदेशक डॉ. एके सिंह भी मौजूद रहे।