संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। नागरिक अस्पताल में अब माइक्रोबायोलॉजी टेस्टिंग की सुविधा शुरू हो गई है। नए चैंबर के निर्माण और लैब में माइक्रोबायोलोजिस्ट की तैनाती के बाद मरीजों को अब सीधे अस्पताल में जांच की सुविधा मिलेगी। इससे पहले यहां इस जांच के लिए न तो चैंबर था और न ही विशेषज्ञ। अब दोनों की मौजूदगी से गंभीर बीमारियों की जांच की सुविधा अस्पताल में ही मिलेगी।
पहले यहां केवल सामान्य जांच संभव थी। गंभीर या विशेष जांच के लिए मरीजों के नमूने मेडिकल कॉलेज भेजने पड़ते थे, जिससे समय पर रोग की पहचान और इलाज में देरी होती थी। अब समय पर डेंगू, यूरिन और अन्य वायरल संक्रमणों की पहचान संभव होगी। साथ ही बैक्टीरियल और पैरासिटिक संक्रमणों की पहचान अब तेज और सटीक होगी।
- ये हो सकेंगे टेस्ट
माइक्रोबायोलॉजी लैब में बैक्टीरियल संक्रमणों की पहचान के लिए ग्राम स्टेनिंग की जाएगी, जिससे यह पता चलेगा कि बैक्टीरिया ग्राम-पॉज़िटिव है या ग्राम-नेगेटिव। इसके अलावा, कल्चर एंड सेंसिटिविटी टेस्ट से सैंपल में बैक्टीरिया को ग्रो कर प्रभावी एंटीबायोटिक की पहचान की जा सकेगी। इसी तरह, ब्लड कल्चर से रक्त संक्रमण, यूरिन कल्चर से मूत्र मार्ग संक्रमण, स्टूल कल्चर से पेट संबंधी संक्रमण और थ्रोट स्वैब कल्चर से गले के संक्रमण का पता लगाया जाएगा। इसके अलावा, सीरोलॉजी/एंटीबॉडी टेस्ट के जरिये आईजीएम और आईजीजी एंटीबॉडी की पहचान होगी और रैपिड एंटीजन टेस्ट से तेजी से वायरल संक्रमण की पुष्टि हो सकेगी।
लगातार बुखार क्यों है इसकी होगी जांच
लैब ऑपरेटर गौरव ने बताया कि माइक्रोबायोलॉजिस्ट न होने की वजह से केवल सामान्य पैथोलॉजी जांच ही की जा सकती थी। माइक्रोबायोलॉजी से जुड़ी विशेष जांच जैसे ग्राम-पॉज़िटिव है या ग्राम-नेगेटिव व अन्य कई तरह की टेस्टिंग यहां संभव नहीं थी। वहीं, जैसे कई दिनों से जिन मरीजों का बुखार नहीं उतरता था उन मरीजों का बुखार क्यों नहीं ठीक हो रहा यह, जांच नहीं हो पाती थी जो अब हो पाएगी। इसके लिए मरीजों के नमूने मेडिकल कॉलेज भेजे जाते थे। अब माइक्रोबायोलोजिस्ट की नियुक्ति और नए चैंबर के शुरू होने से ये जांच नागरिक अस्पताल में ही शुरू हो गई हैं। लैब में माइक्रोबायोलोजिस्ट डॉ. पारुल की नियुक्ति की गई है।