बाल श्रम हो या बाल विवाह हर मुद्दे के प्रति जागरूक
17 साल के मोइन बीते पांच वर्ष से प्रत्येक संस्था के सदस्य हैं। बाल संसद (यश चिल्ड्रन पार्लियामेंट) में मिनिस्टर ऑफ पीस जस्टिस मोइन अपने क्षेत्र में बाल विवाह व बालश्रम रोकने के लिए लगातार संघर्षरत रहते हैं। नुक्कड़ नाटक, सर्कस आर्ट व डोर टू डोर कैंपेन चलाकर वह लोगों को जागरूक करते हैं। मोइन कहते हैं कि कौन सी समस्या बच्चों के लिए कितनी गंभीर है, उसे दूर करने के लिए कैसे कदम उठाने हैं, लोगों को अपनी बात कैसे समझानी है यह सारे फैसले बाल संसद के सदस्य खुद करते हैं। हर बच्चे से 2 से 10 रुपए तक जोड़कर वह हजारों का बजट इकट्ठा करते हैँ। जमा किए गए पैसे को सामाजिक कार्यों पर खर्च किया है। 12वीं में पढ़ने वाले मोइन अंडर-17 क्रिकेट खिलाड़ी भी हैं।
जागरूकता लानी है बेहद जरूरी
17 वर्षीय खो-खो खिलाड़ी विकास कहते हैं कि जब वह महिलाओं से महावारी स्वच्छता जैसे मुद्दों पर बात करते हैं तो आमतौर पर वह असहज हो जाती हैं। लेकिन यह जरूरी है कि लोग खासकर महिलाएं जागरूक हों। बाल संसद में फाइनेंस मिनिस्टर की भूमिका निभाने वाले विकास बाल विवाह और बालश्रम जैसी कुरीतियों को समाज से मिटाना चाहते हैं। इसके लिए लगातार प्रयास करना उनका लक्ष्य है। वह कई रचनात्मक गतिविधियों से भी जुड़े हैं।
झुग्गी में पला रग्बी खेलने का सपना
सरिता विहार में एक फ्लाईओवर के नीचे झुग्गी में रहने वाली पिंकी रग्बी में अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाना चाहती हैं। खेलते वक्त चोट लगने से वह सालभर रग्बी से दूर रहीं। ठीक होते ही मैदान पर वापस आ गई। पिंकी बताती हैं कि जिस माहौल से वह आती हैं वहां लड़कियों के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल है। लोग ताने मारते हैं कि हाफ पैंट पहनकर लड़की खेलने जाती है। उनकी मां की तरह औरतों को भेदभाव का शिकार ना बनना पड़े, महिलाएं सबल बन सकें इसलिए वह सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी सजग रहती हैं।