माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ‘वैश्विक मेडिकल वैल्यू ट्रैवल बाजार के क्षेत्र में भारत को दुनिया के प्रमुख गंतव्यों में स्थान मिल रहा है। यह क्षेत्र साल 2022 में करीब 6 अरब अमेरिकी डॉलर का था जिसके 2026 तक 13 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। विशेषज्ञों ने यह बातें तीन दिवसीय एडवांटेज हेल्थकेयर इंडिया 2026 के आठवें संस्करण में कहीं। विशेषज्ञों ने कहा कि मेडिकल वैल्यू ट्रैवल केवल आर्थिक विकास का क्षेत्र नहीं बल्कि भारत की सहानुभूति और उत्कृष्टता के साथ मानवता की सेवा करने की सभ्यता की भावना को भी दर्शाता है।
फिक्की मेडिकल वैल्यू ट्रैवल अवॉर्ड्स ज्यूरी के अध्यक्ष सुधांशु पांडे ने कहा कि लगभग एक दशक पहले, जब स्वास्थ्य सेवा को भारत के चैंपियन सेक्टर में शामिल किया गया, तो इसका उद्देश्य वैश्विक मरीजों को व्यवस्थित, विश्वसनीय और संगठित इकोसिस्टम देना था। लेकिन बढ़ती प्रतिस्पर्धा के साथ मानक बढ़ते गए। वहीं कबीर खट्टर ने कहा कि जैसे-जैसे भारत का मेडिकल वैल्यू ट्रैवल इकोसिस्टम वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा है, संस्थाओं के लिए अपने आंतरिक दस्तावेजीकरण, डाटा की सटीकता और अनुपालन मानकों को मजबूत करने की जरूरत है, ताकि सतत विश्वास और अंतरराष्ट्रीय विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।
वैश्विक स्तर पर भारत की हो रही चर्चा
डॉ. राजीव सिंगल ने कहा कि भारत का स्वास्थ्य क्षेत्र एक निर्णायक दशक में प्रवेश कर रहा है, जिसे क्षमता, सहयोग और वैश्विक विश्वास द्वारा सशक्त किया जा रहा है। भारत को उन्नत और समग्र चिकित्सा सेवा के लिए वैश्विक पसंदीदा गंतव्य के रूप में मजबूत बना रहे हैं।