संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। करवाचौथ का व्रत उत्साह और जोश लेकर आया। महिलाओं ने सोलह शृंगार कर संकल्प लेकर निर्जला व्रत रखा और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण कर अपने पति की लंबी आयु की प्रार्थना की। दिन के समय कथा सुनकर सूर्य को जल दिया।
महिलाओं ने सनातन धर्म मंदिर मॉडल, ब्रह्मकुमारी के सेक्टर-25 केंद्र और वृंदा कुंज समेत कई जगह सामूहिक रूप से कथा सुनी। भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय की पूजा-अर्चना कर उपवास रखा है। माना जाता है कि करवाचौथ का व्रत पति-पत्नी के प्रेम-प्यार को गहरा करता है और यह पारिवारिक सुख-समृद्धि का प्रतीक होता है। शादी का रिश्ता और मांग भराई होने पर लड़कियों ने भी व्रत रखकर अपने होने वाले पति की लंबी आयु की कामना की। शाम को चांद का दीदार करने के लिए महिलाएं छत पर पहुंच गई। चांद की पूजा कर अपने पति को छाननी से देखकर व्रत का पारण किया।
ब्रह्मकुमारी के सेक्टर-25 स्थित केंद्र में करवाचौथ पर सामूहिक कथा कही। संचालिका ब्रह्माकुमारी अंजना बहन ने करवाचौथ का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि करवाचौथ पर महिलाएं अपने पति की सुरक्षा और लंबी उम्र के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक उपवास रखती हैं। महिलाएं सालभर इस त्योहार का इंतजार करती हैं और निर्जला व्रत रखकर अपने पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। रात में चंद्रोदय को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं। केंद्र में पीली मिट्टी से माता गौरी की चित्र बनाकर, लाल चुनरी, बिंदी, सुहाग सामग्री, रोली, चंदन, अक्षत, पुष्प, नैवेद्य अर्पित किए।
मंदिर में कथा सुनती महिलाएं। संवाद
मंदिर में कथा सुनती महिलाएं। संवाद