पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत शनिवार को धनतेरस के साथ हुई। पहले दिन ही फूल-माला के भाव आसमान छूते रहे। आम दिनों में 20-30 रुपये में बिकने वाला गेंदे की माला धनतेरस पर 60 रुपये में मिल रहा था।
गुलाब की माला भी 80-100 रुपये में उपलब्ध था। महालक्ष्मी पूजा के लिए लोग बाजार में कमल का फूल ढूंढते रहे, मगर काफी मशक्कत के बाद कुमुदनी लेकर पूजा करनी पड़ी। इसके बदले भी 50-60 रुपये देने पड़े। सजावटी फूलों का बाजार भी गर्म रहा।
फूलों के भाव में आई तेजी का कारण दुकानदार मौसम को बता रहे हैं। शीतला मंदिर के पास फूल के दुकानदार बबलू माली ने बताया कि पिछले दिनों हुई बेमौसम बारिश ने फूलों की खेती को काफी नुकसान पहुंचाया है।
वाराणसी, मिर्जापुर की मंडी में ही फूल-माला के दाम अधिक हैं। गेंदे की माला 50 रुपये से लेकर 80 रुपये तक गुलाब की माला 150 रुपये तक बिक रहा है। माला का दाम दोगुना बढ़ा है। दूसरी ओर घरों की सजावट के लिए बनावटी फूलों की मांग खूब रही।
रामलीला मैदान, उरमाैरा स्थित डायट परिसर और स्वामी विवेकानंद प्रेक्षागृह परिसर में सजे मेले में बनावटी फूलों की खरीदारी लोग कर रहे हैं। अलग-अलग रंग और डिजाइन वाले यह फूल आकर्षक भी लग रहे हैं।
मिट्टी के दीये, मोमबत्ती, गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति की हुई खरीदारी
दीपावली पर पूजा के लिए गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति के साथ ही लाई, चूड़ा, चीनी की मिठाई आदि खाद्य पदार्थों की लोगों ने खरीदारी की। दूसरी तरफ इलेक्ट्रानिक के सजावटी सामानों की भी खूब बिक्री हो रही है। दुकानों के बाहर लगा सामान ग्राहकों को आकर्षित कर रहा है। ग्राहक भी खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। रामलीला मैदान में दीया, मोमबत्ती, गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति, लाई, चूड़ा और चीनी से बनी मिठाइयों की दुकानें सज गई हैं।
दुकानों पर गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति सबसे कम दाम 50 रुपये में बिक रही है। मूर्ति विक्रेता दुकानदार अंकित केशरी का कहना है कि उनके पास 50 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक की गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति उपलब्ध है।
रेशमी कपड़े, कुंदन और नग वाले गहनों से सजी यह मूर्तियां छह इंच से लेकर एक फीट तक की हैं। लखनऊ से मंगाई गई मूर्तियां काफी आकर्षक हैं। यह आकार में थोड़ी छोटी जरूर हैं, लेकिन इनकी कीमत अधिक है। अधिकांश मूर्ति स्वदेशी हैं, चाइना का माल नहीं है। इसके साथ ही गणेश-लक्ष्मी के लिए वस्त्र 10 रुपये से 100 रुपये तक, रंगोली 20 रुपये 60 रुपये तक बिक रहा है।
80 रुपये सैकड़ा बिक रहा मिट्टी का दीया
दीपावली पर मिट्टी से बने दीये की मांग अधिक हैं। रॉबर्ट्सगंज के रामलीला मैदान के साथ ही मेन मार्केट, पन्नूगंज मार्ग, जोगियाबीर मंदिर के पास मिट्टी के बने दीये की दुकानें सजी हैं। रामलीला मैदान में दुकान लगाए राजेश कुमार प्रजापति ने बताया कि 60 से 80 रुपये सैकड़ें मिट्टी की दीया बिक रही है। घड़ेहर 80 रुपये पीस, मिट्टी की घरिया 15 रुपये पीस, घंटी 10 रुपये पीस, गुल्लक 40 रुपये से लेकर 150 रुपये तक और डिजाइन वाली दीया 10 रुपये पीस बिक रही है। वहीं मोमबत्ती 10 रुपये से लेकर 250 रुपये प्रति पैकेट तक बिक रही है। पैरासुट 50 रुपये में बिक रहा है।