फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: सरकारी अस्पतालों में कई जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं

विज्ञापन
विज्ञापन
लखनऊ। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को जरूरी दवाएं नहीं मिल रही हैं। वे दवाओं के लिए एक से दूसरे काउंटर पर भटक रहे हैं। मजबूरी में उन्हें बाहर खुले मेडिकल स्टोर से दवाएं लेनी पड़ रही हैं। अस्पताल प्रशासन का दावा है जो दवाएं नहीं है, उन्हें लोकल परचेज करके मरीजों को उपलब्ध कराया जा रहा है। अस्पताल में दवाओं की कमी नहीं है।
विज्ञापन


बलरामपुर, सिविल, लोकबंधु, बीआरडी महानगर समेत कई सरकारी अस्पताल में मरीजों को पिछले कुछ दिनों से कई दवाएं नहीं मिल रही हैं। ओपीडी में आने वाले मरीजों को डॉक्टर जो दवाएं लिख रहे हैं, उसका परचा लेकर मरीज व तीमारदार भटक रहे हैं।

दवा काउंटर पर ये कहकर लौटाया जा रहा है कि इन दवाओं की आपूर्ति नहीं हुई है। मरीजों को बाहर से दवाएं खरीदने की सलाह दी जा रही है। मजबूरी में मरीज व तीमारदार बाहर के मेडिकल स्टोर से दवाएं ले रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कुछ दवाओं की करीब साल भर से अस्पतालों में आपूर्ति नहीं हुई है, जबकि पहले इन दवाओं की आपूर्ति होती थी।
विज्ञापन




नई सूची में 380 दवाएं

सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की नई सूची (ईडीएल) में 380 दवाएं शामिल हैं। इसमें कई दवाएं अभी नहीं हैं। बलरामपुर अस्पताल में पुरानी दवा की सूची के हिसाब से 287 दवाएं ही उपलब्ध हैं। नई सूची की दवाओं की अभी तक अस्पताल में आपूर्ति नहीं हुई है।

करीब 97 नई दवाएं सूची में बढ़ी हैं, जिनकी अभी तक अस्पतालों में आपूर्ति नहीं हुई है। अफसरों का कहना है कि मेडिकल काॅर्पोरेशन के जरिये नई दवाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया कराई जा रही है। इसी वर्ष जरूरत के हिसाब से नई दवाएं भी अस्पतालों को मिल जाएंगी।

भर्ती मरीजों के लिए खरीदी जा रहीं दवाएं

बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु ने बताया आवश्यक दवाओं की सूची (ईडीएल) के अनुसार दवाएं उपलब्ध हैं। जो दवाएं लिस्ट में शामिल नहीं हैं, वो जरूरत के हिसाब से लोकल परचेज कराकर भर्ती मरीजों को मुहैया कराई जा रही हैं। काॅर्पोरेशन से ईडीएल में शामिल नई दवाएं जल्द मिलने की उम्मीद है। उन्होंने ये भी दावा किया कि ओपीडी के मरीजों को जन औषधि केंद्र से दस्ती दरों पर दवाएं मिल जाती हैं। निजी मेडिकल स्टोर पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती है।
विज्ञापन




ये दवाएं नहीं मिल रहीं

- पेट में संक्रमण दूर करने के लिए ऑरनिडाजोल 500 एमजी।

- आंखों में जलन, सूजन सही करने के लिए ईएमसी एंटीबॉयोटिक आई ड्रॉप।

- कान में संक्रमण दूर करने के लिए ट्राइमाजोल इयर ड्रॉप।

- थॉयराइड की सबसे अहम दवा थॉयराक्सिन।

- चोट के साथ सूजन खत्म करने वाली दवा सिरेसियोपेप्टिडेज।

- हड्डी के लिए कैल्शियम की दवा विटामिन डी थ्री।

- सप्ताह में एक बार दूध के साथ पीने वाला कैल्शियम सैचेट।

- दिल के मरीजों के लिए बीपी नियंत्रण की दवा मेट्रोप्रोपोनॉल 50 एमजी।



दवाओं की उपलब्धता के बारे अभी जानकारी नहीं है, फार्मेसी से पता कराकर कुछ बता पाएंगे।

-डॉ. कजली गुप्ता, निदेशक, सिविल अस्पताल



जो दवाएं अस्पताल में नहीं है वह लोकल परचेज कराकर मरीजों को मुहैया कराई जा रही हैं। दवाओं की कमी नहीं है।

- डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी, सीएमएस, बलरामपुर अस्पताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें