-अदालत ने कहा कि दोषी का आचरण अत्यंत गंभीर, न्याय प्रणाली को बाधित करने का हरसंभव प्रयास किया।
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म और उसे धमकाने के दोषी शिवम गुप्ता को 15 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि दोषी का आचरण अत्यंत गंभीर है और उसने न्याय प्रणाली को बाधित करने का हरसंभव प्रयास किया।
मामला 10 अप्रैल 2017 का है। नोएडा के सेक्टर-35 निवासी शिवम गुप्ता ने पीड़िता और उसकी बहन को अपने घर बुलाया। वहां उसने उनके लिए मैगी बनाई और खिलाई। खाने के बाद जब दोनों बहनें वहीं सो गईं तो शिवम ने 15 वर्षीय पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। इसकी शिकायत करने पर उसे और उसके परिवार को मारने की धमकी दी थी। पीड़िता ने अगले दिन अपनी मां को घटना के बारे में बताया था। उसके पिता ने सेक्टर-24 नोएडा पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। 13 अप्रैल 2018 को शिवम के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी। 23 नवंबर 2019 को औपचारिक रूप से आरोप तय किए गए थे। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा-376 (दुष्कर्म), 506 (आपराधिक धमकी) और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा के तहत आरोप पत्र दाखिल किया।
विशेष न्यायाधीश विजय कुमार हिमांशु ने फैसला सुनाते हुए कहा कि पीड़िता के बयान विश्वसनीय और सुसंगत हैं और सबूतों ने शिवम के खिलाफ दोष साबित कर दिया है। अदालत ने आरोपी के आचरण पर विशेष रूप से गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि फैसला सुनाए जाने की तारीख तय होने के बाद आरोपी फरार हो गया था। उसने फैसले को रोकने के लिए कई तुच्छ अर्जियां दायर कीं और लगातार छह वकील बदले। अदालत ने दोषी को 15 वर्ष की सजा सुनाई। 23 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना जमा नहीं करने पर सात माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।