पुलिस ने जब दोनों से बाइक के कागजात मांगे तो वह दिखाने में असमर्थ रहे। सैफ अली ने कबूल किया कि यह बाइक भी उन्होंने कुछ समय पहले चोरी की थी। पता चला कि यह वाहन नई दिल्ली में दर्ज मुकदमा से संबंधित है। दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से बाइक चोरी करते हैं।
पकड़ी गई बाइक को भी बेचने की फिराक में जा रहे थे। आरोपियों ने कई चोरी की बाइक बादलपुर गांव के पास एक सुनसान जगह पर खाली प्लॉट में छिपा रखी थी। पुलिस ने टीम ने मौके से 13 बाइक बरामद की। इनमें से कुछ वाहन दिल्ली, गाजियाबाद, दादरी, नोएडा, अमरोहा, अलीगढ़ और सोनीपत जैसे विभिन्न क्षेत्रों से चोरी किए गए थे। दो बाइक के संबंध में गाजियाबाद और थाना दादरी में मुकदमा दर्ज है। शेष बाइक के संबंध में अभी कोई मुकदमा दर्ज नहीं पाया गया।
बाजार, फैक्टरी, भीड़भाड़ एरिया से चोरी करते थे बाइक
पूछताछ के दौरान पता चला है कि आरोपी सैफ अली मैकेनिक व आरोपी शादाब कबाड़ खरीदने का कार्य करता है। आरोपी दोनों रेकी कर बाइक व स्कूटी चोरी करते थे। चोरी किए गए दोपहिया वाहनों को सुनसान पड़े खाली प्लॉट में छिपा दिया करते थे। बाद में चोरी किए गए दोपहिया वाहनों को सस्ते दामों में राहगीरों को बेच दिया करते थे।
चोरी किए गए दो पहिया वाहनों को बेचने से जो धनराशि प्राप्त होती थी उसे आरोपी आपस में बांटकर व्यक्तिगत एवं शौक-मौज में खर्च कर देते थे। बरामद बाइक की कुल कीमत करीब 10 लाख रुपये से अधिक है। आरोपी चोरी के वाहन को 10 से 15 हजार तक में बेच देते थे। आरोपी साप्ताहिक बाजार, फैक्टरी, भीड़भाड़ एरिया से वाहन चोरी करते हैं। आरोपी पुरानी बाइक जिन बाइकों के लॉक घिस चुके होते थे उन्हें मास्टर की और कई पुरानी बाइक का तोड़ और लॉक तोड़कर वाहन चोरी करते थे। आरोपी पिछले दो साल चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे थे। आरोपी इस साल पूर्व में जेल जा चुके हैं। जेल से आने के बाद फिर से वारदात को अंजाम देने लगे थे।