पुन्हाना। ज्यों-ज्यों किसानों के धरना लंबा होता जा रहा है किसानों के हौसले और मजबूत होते जा रहे हैं। रविवार को हरियाणा-राजस्थान सीमा सुनहेड़ा पर अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे किसानों में काफी उत्साह नजर आया।
इस मौके पर किसान नेताओं ने एक बैठक आयोजित कर फैसला लिया कि 15 मार्च को राजा हसन खां की शहादत के दिन फिरोजपुर झिरका में किसान महापंचायत आयोजित की जाएगी। महापंचायत में किसान आंदोलन से जुड़े किसान नेता और प्रमुख लोगों को बुलाया जाएगा। इस महापंचायत में हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में बसे 36 बिरादरी के मेवाती किसानों को बुलाया जाएगा। पिछले 48 दिनों से सुनहेड़ा बॉर्डर पर किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे मौलाना अरशद मीलखेड़ला ने बताया कि राजा हसन खां मेवात के आखरी राजा थे। जिन्होंने राणा सांगा के साथ मिलकर कांनवाह के मैदान में 15 मार्च 1527 को बाबर से जंग लड़ते हुए अपने 12 हजार घुड़सवारों के साथ देश के लिए शहीद हो गए थे।
इस बार देश के महान सपूत शहीद हसन खां मेवाती की शहादत दिवस को किसान दिवस के तौर पर मनाया जाएगा। उन्होंने कहा इस बारे में आज मेवाती किसान मोर्चा के प्रमुख किसानों की सुनहेड़ा बॉर्डर पर हुई अहम बैठक में फैसला लिया गया है। इस मौके पर मौलाना अरशद मीलखेड़ला के अलावा किसान मोर्चा के प्रवक्ता रसीद अहमद एडवोकेट, मोलाना अजहर, आसिफ अली चंदेनी, बुरहान सलम्बा, इब्राहीम इंजीनियर बिसरू, मोलाना याहया करीमी, हाजी रमजान मालब, मुफ्ती जाहिद, सलीम अहमद, अजीज अख्तर, तौफीक अहमद, मुबारक अटेरना, अरशद वकील, गुलाम नबी आजाद, मोलाना अतहर झिरका, इब्राहीम बाघोला, शरीफ गंगवानी, आदि ने हिस्सा लिया।