नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली के आसफ अली रोड स्थित प्राचीन मंदिर श्रीराम हनुमान वाटिका के महंत और मचान वाले बाबा के नाम से प्रसिद्ध श्रीरामकृष्ण दास महात्यागी महाराज का बुधवार को निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को दोपहर एक बजे निगमबोध घाट पर होगा।
महाराज वर्ष 1974 से इस प्राचीन मंदिर की सेवा कर रहे थे। उन्होंने 1975 में मंदिर के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कराया और भव्य स्वरूप प्रदान किया। सात फीट ऊंची मचान पर बनी साधारण कुटिया में रहकर उन्होंने कठोर साधना की। उनकी साधना अनूठी रही। उन्होंने गर्मी में धूणे की तपस्या, सर्दियों में जल में ध्यान और वर्षा में कृत्रिम जलधारा के बीच साधना की। इसी वजह से वह भक्तों के बीच मचान वाले बाबा कहलाए। उनके निधन से संत समाज और श्रद्धालुओं में गहरा शोक है। ब्यूरो