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Noida News: माल-ए-गनीमत की मदद से तैयार करना था आईएस का स्वदेशी नेटवर्क...

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-आईएसआईएस के तीन आतंकियों के पकड़े जाने का मामला
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-आईएसआई और विदेशी आकाओं ने दिया था शाहनवाज और रिजवान अली को निर्देश
-इसे बढ़ाने के लिए शुरू की गई थी आपराधिक वारदातें
-आतंकी हिजरत के लिए जाना चाहते थे अफगानिस्तान
-इकट्ठा कर रहे थे पैसा, पुलिस की पूछताछ में खुलासा
शुजात आलम
नई दिल्ली। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और विदेशों में बैठे आकाओं ने शाहनवाज आलम उर्फ अब्दुल्लाह और रिजवान अली को माल-ए-गनीमत (दुश्मनों से लूटा गया माल) की मदद से स्वदेशी आईएस का नेटवर्क तैयार करने का आदेश दिया था। इसी वजह से दोनों ने अपराध करना शुरू कर दिया था। शाहनवाज के खिलाफ हजारीबाग झारखंड में आधा दर्जन केस दर्ज हैं। वर्ष 2019 में शाहनवाज पिस्टल के बल पर लूटपाट और चोरी के कई मामलों में लोकल पुलिस के हत्थे चढ़ा। करीब आठ-नौ माह वह जेल में बंद रहा। बाद में जमानत पर बाहर आ गया। जेल से बाहर आते ही उसने विदेशी आकाओं से बातचीत शुरू कर दी। दोनों आतंकी हिजरत (एक जगह से दूसरी जगह जाना) के लिए अफगानिस्तान जाना चाहते थे।
पुलिस की पूछताछ में शाहनवाज ने खुलासा किया कि रिजवान और वह एक ही विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे। दोनों आईएसआईएस के अलग-अलग एक्स अकाउंट, न्यूज चैनल, यू-ट्यूब चैनल से जुड़े थे। इत्तेफाक से रिजवान और शाहनवाज दोनों एक ही विदेशी हैंडलर से बैत (प्रतिज्ञाबद्ध) हुए। शुरुआत में इनको भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए फंड प्राप्त हुआ। लेकिन बाद में वहां बैठे आकाओं ने भारत में खुद को नेटवर्क खड़ा करने और नए-नए लड़कों को भर्ती करने का आदेश दिया। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में बैठे इनके आका नहीं चाहते थे कि वारदात के बाद उन लोगों का नाम घटनाओं में आए। प्रतिज्ञाबद्ध होने के बाद दोनों ने भारत में अपना काम भी शुरू कर दिया।
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धन जुटाने के लिए लिया वारदात का सहारा
18 जुलाई 2023 को शाहनवाज माल-ए-गनीमत बढ़ाने के लिए पुणे में इमरान और यूनुस साकी के साथ मिलकर बाइक चोरी कर रहा था। पेट्रोलिंग के दौरान पुलिस ने तीनों को पकड़ लिया, लेकिन शाहनवाज पुलिस की गाड़ी से कूदकर भागने में कामयाब हो गया। लोकल पुलिस ने इमरान और यूनुस से बातचीत की तो मामला आतंक से जुड़ा निकला। इस बीच मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई। छानबीन में शाहनवाज के बारे में पता चला। इसके बाद रिजवान अली व शाहनवाज पर तीन-तीन लाख का इनाम घोषित किया गया।
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रिजवान व अरशद स्वदेशी नेटवर्क का हैं हिस्सा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोहम्मद रिजवान अशरफ और अरशद वारसी शाहनवाज के स्वदेशी नेटवर्क का ही हिस्सा हैं। रिजवान अली और शाहनवाज हिजरत कर अफगानिस्तान क्यों जाना चाहते थे। इसकी पड़ताल जारी है। हालांकि दोनों ही आतंकी लगातार अपने आकाओं से संपर्क में थे। उनसे मिलने वाले दिशा निर्देशों पर ही वह काम कर रहे थे। शाहनवाज त्योहारों पर दिल्ली व दूसरे महत्वपूर्ण स्थानों पर धमाके करने की तैयारी कर रहा था।
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