नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर प्राधिकरण के सभी गेट को बंद कर धरना देते किसान।
नोएडा। प्लॉट आवंटन, आबादी का निस्तारण और नक्शा नीति को लेकर लंबे समय आंदोलनरत किसानों ने सोमवार को नोएडा प्राधिकरण के सभी गेटों पर कब्जा जमा लिया। किसानों ने इसे ‘संपूर्ण लॉकडाउन’ का नाम दिया। ऐसे में प्राधिकरण दफ्तर में अधिकारियों-कर्मचारियों को घुसने नहीं दिया, जिससे कामकाज बाधित रहा। दोपहर बाद किसी तरह कुछ कर्मचारी प्राधिकरण दफ्तर में दाखिल हुए। किसानों ने एलान किया है कि उनकी मांगे पूरी होने तक किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को प्राधिकरण के अंदर दाखिल नहीं होने दिया जाएगा।
भारतीय किसान परिषद के तत्वावधान में नोएडा प्राधिकरण पर किसानों का 97वे दिन भी धरना जारी रहा। पहले से की गई घोषणा के बाद सुबह से ही किसान भारी संख्या में प्राधिकरण दफ्तर पहुंचे और के गेट के सामने बैठ गए। इसके बाद किसी को भी प्राधिकरण के अंदर घुसने नहीं दिया गया। प्राधिकरण के चारों तरफ के गेट बंद कर दिए गए। भारतीय किसान परिषद के अध्यक्ष सुखबीर खलीफा ने बताया कि यह जनआंदोलन है और जनभावना के आधार पर ही लॉकडाउन लगाने का निर्णय लिया गया है। हम लोगों ने लगातार प्राधिकरण की मदद की है और अब प्राधिकरण को किसानों की मदद करनी चाहिए। जब तक किसानों की मांग नहीं मानी जाती है तब तक प्राधिकरण में एंट्री बंद रहेगी। खलीफा का कहना है कि आने वाले समय में सीईओ और जनप्रतिनिधियों की भी तालाबंदी की जाएगी। सोमवार को किसानों के धरने में सपा प्रवक्ता राजकुमार भाटी, आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नितिन त्यागी और किसान नेता मनवीर भाटी पहुंचे और समर्थन देने की घोषणा की। सुखबीर खलीफा ने किसानों से अपील करते कहा कि वर्षों से चली आ रही लड़ाई को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाने के लिए प्राधिकरण दफ्तर पर पहुंचे। धरने के 100 दिन पूरा होने के बाद विधायक पंकज सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा।