नूंह। कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार सेे नूंह जिले को भी 31 मार्च तक लॉकडाउन का निर्णय लिया है। सोमवार शाम उन्होंने इसकी घोषणा कर दी। ऐसे में लॉकडाउन के दौरान निजी बसों, टैक्सियों, ऑटो-रिक्शा, रिक्शा और ई-रिक्शा आदि के संचालन सहित किसी भी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं जिले में आपातकालीन सेवाएं जारी रहेगी। इस दौरान निजी कंपनियां और दुकानें बंद रहेंगी। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने रविवार को गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, झज्जर व पंचकूला को लॉकडाउन किया था। वहीं दूसरी ओर रविवार को पुन्हाना से मिला कोरोना का संदिग्ध मरीज सोमवार को शहीद हसन खां मेडिकल कॉलेज नलहड की छठी मंजिल से पाइप के सहारे उतरकर फरार हो गया। हालांकि देर शाम को पुलिस ने उसे पुन्हाना स्थित उसके घर से पकड़ लिया। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक राहत की बात यह है कि मरीज की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
दरअसल, पुन्हाना निवासी 32 वर्षीय महेश को कोरोना से संदिग्ध होने पर रविवार को नूंह के शहीद हसन खां मेडिकल कॉलेज नलहड में भर्ती कराया गया था। विभाग ने मरीज का सैंपल लेकर जांच के लिए पीजीआई रोहतक से भेज दिया था। सोमवार को अचानक उस समय खलबली मच गई जब मरीज महेश अपने बेड पर नहीं मिला। उसके बाद छानबीन की तो पता चला की संदिग्ध मरीज अस्पताल की छठी मंजिल से पाइप के जरिये भाग गया था। इसकी सूचना मेडिकल कॉलेज की कार्यकारी निदेशक यामिनी कपूर को दी गई। जिन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। कॉलेज के पास ही स्थित अरावली पर्वत में महेश को ढूंढने के लिए पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लग गए लेकिन वह सभी लोगों को गच्चा देकर नूंह के वार्ड नंबर एक में अपने रिश्तेदार के यहां पहुंच गया। जहां से उनके रिश्तेदारों ने उसको भगा दिया और पुन्हाना अपने घर चला गया।
शहीद हसन खां मेडिकल कॉलेज की कार्यकारी निदेशक यामिनी कपूर ने बताया कि बिना सूचना अस्पताल से भागने के मामले में आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए पुलिस को शिकायत दे दी है। शहीद हसन खां पुलिस चौकी प्रभारी का कहना है कि कोराना के संदिग्ध मरीज को पुन्हाना से पकड़ लिया गया है। उसको नूंह ले जाया जा रहा है। अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। उच्च अधिकारियों के आदेश पर ही मुकदमा दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कोरोना के संदिग्ध की रिपोर्ट आई नेगेटिव
मेवात सिविल सर्जन डाक्टर विरेंद्र यादव ने बताया कि पुन्हाना निवासी 32 वर्षीय महेश को रविवार को नूंह मेडिकल कॉलेज में संदिग्ध कोरोना वायरस के तौर पर आईसोलोशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। उनके रक्त का सैंपल लेकर जांच के लिए पीजीआई रोहतक भेजा गया था। सोमवार को रिपोर्ट आ गई है, जो नेगेटिव है। उन्होंने बताया कि मेवात में अभी तक कोरोना वायरस को एक भी मामला सामने नहीं आया है।
क्या होता है लॉकडाउन
जानकारी के अनुसार जब किसी भी तरह से इंसान व क्षेत्र को खतरा होता है तो उस क्षेत्र को बचाने के लिए सरकार द्वारा लॉकडाउन किया जाता है। जैसे कोरोना के संक्रमण को लेकर दूसरे देशों में इस समय किया जा रहा है। कोरोना वायरस का संक्रमण एक-दूसरे इंसान में न हो इसके लिए जरूरी है कि लोग घरों से बाहर कम निकलें। बाहर निकलने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ जाएगा। इसलिए कुछ देशों में लॉकडाउन जैसी स्थिति हो गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभी तक भारत के दर्जनों प्रदेशों ने अपने अपने प्रदेश लॉकडाउन कर दिए है।
लोगों ने कहा पूरा सहयोग देंगे
आसिफ अली चंदेनी, अधिवक्ता ताहिर हुसैन, अधिवक्ता महमूद उल हसन व गोपाल पंडित ने बताया कि सरकार ने प्रदेश को लॉकडाउन करने का कदम लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए उठाया है। जिसे वह पूरी तरह से सफल बनाने में अपना सहयोग करेंगे। वहीं उन्होंने लोगों से अपील की वह इस अभियान में पूरा सहयोग करें।