संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले में बिना अनुमति के चल रहे स्कूलों पर शिक्षा निदेशालय की सख्ती शुरू हो गई है। निदेशालय के निर्देश पर जिला शिक्षा विभाग की ओर से जिले के 72 अमान्य स्कूलों की सूची बनाकर भेजी गई है। इन स्कूलों में 32 स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास किसी प्रकार की मान्यता ही नहीं है और न ही नियमों के अनुसार इनका ढांचा है। अन्य स्कूलों के पास आंशिक मान्यता है। जिला विभाग ने सूची भेजकर कार्रवाईके लिए आदेश मांगे हैं।
शिक्षा निदेशालय ने नए सत्र से पहले जिले के 47 स्कूलों की सूची जारी की थी और इनमें दाखिले न होने देने के आदेश दिए थे। वहीं, एक सूची बोर्ड ने जारी की थी, जिसमें 40 ऐसे स्कूलों के नाम थे, जो मान्य नहीं थे। बोर्ड इन स्कूलों की एसएलसी भी अमान्य घोषित कर चुका है। परंतु यह स्कूल नियमों को ताक पर रखकर चल रहे थे। अब जिला शिक्षा विभाग ने 72 अमान्य स्कूलों का ब्योरा श्रेणी के अनुसार निदेशालय को भेजा है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि आधा सत्र बीत जाने के बाद विभाग को स्कूलों पर कार्रवाई की सुध आई है। कार्रवाई से पहले इन स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर निदेशालय को निर्णय करना चाहिए। चूंकि इन स्कूलों में दाखिले विभागीय लापरवाही के कारण हुए हैं। वहीं स्कूल बंद करने के साथ संचालकों पर धोखाधड़ी का केस भी दर्ज किया जाना चाहिए। संचालकों ने अभिभावकों को धोखे में रखकर विद्यार्थियों का दाखिला किया है। निदेशालय की ओर से जारी सूची में जिले के 47 स्कूलों के नाम हैं। वहीं, शिक्षा बोर्ड की जारी सूची में जिले के 40 स्कूलों के नाम है। निदेशालय के आदेशों के बाद जिला शिक्षा सदन कार्यालय की ओर से 72 स्कूलों की सूची बनाई है। इनमें 32 स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास किसी तरह की अनुमति नहीं है। अन्य स्कूल ऐसे हैं, जो कुछ कक्षाओं की आंशिक व अस्थायी मान्यता लेकर उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल चला रहे हैं। सभी स्कूलों की उनके दस्तावेजों के अनुसार सूची तैयार की गई है।
निदेशालय के आदेश पर विभिन्न श्रेणियों के अनुसार स्कूलों की सूची बनाई गई है। यह सूची निदेशालय को भेज दी गई है। निदेशालय ने स्कूलों पर कार्रवाई संबंधी आदेश मांगें गए हैं। निदेशालय के आदेश पर बिना अनुमति चल रहे स्कूल बंद किए जाएंगे। - प्रेमलता, जिला शिक्षा अधिकारी।