मुरादाबाद। शहर की गलियों और मोहल्लों में अंधेरे का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। स्ट्रीट लाइटों की देखरेख करने वाली कंपनी ईईएसएल का अनुबंध जुलाई में खत्म होने के बाद नगर निगम ने नई एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी दी है लेकिन एक महीना बाद भी कंपनी अबतक ठीक तरीके से अपना कामकाज शुरू नहीं कर पाई है। नतीजा यह है कि मरम्मत के अभाव में कई वार्डों में स्ट्रीट लाइटें खराब पड़ी हैं।पुराने शहर के मुगलपुरा, लाकड़ीवालान, कानूनगोयान, पीरगैब, ईदगाह समेत कई घनी आबादी वाले मोहल्लों में रात के वक्त कई गलियां अंधेरे में डूबी रहती हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि चौक-चौराहों पर कुछ लाइटें जल भी रही हैं तो टिमटिमाती हालत में हैं। अंधेरा बढ़ने से न केवल आवागमन में परेशानी हो रही है बल्कि आपराधिक घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
क्षेत्रीय पार्षदों का कहना है कि नई एजेंसी ने सर्वे का काम तो किया है लेकिन अबतक न खराब लाइटें ठीक हुईं और न ही फ्यूज लाइटों को बदला गया है। पार्षद देशरत्न कत्याल का कहना है कि उन्होंने इस बारे में नगर निगम अधिकारियों से बात की है जिसके बाद आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही खराब लाइटों को बदला जाएगा और दुरुस्त किया जाएगा। पार्षद कमर ने भी बताया कि खराब लाइटों को लेकर शिकायतें की हैं लेकिन मरम्मत कार्य नहीं हुआ है।
शहर में अनुमानित 60 हजार के करीब स्ट्रीट लाइटें लगी हुई हैं। इनमें से 20 हजार नगर निगम की ओर से लगाई गई हैं जबकि करीब 40 हजार लाइटें ईईएसएल कंपनी ने अनुबंध के तहत लगाई थीं। ईईएसएल ही इन लाइटों की रखरखाव एजेंसी थी जिसकी जिम्मेदारी अनुबंध खत्म होते ही समाप्त हो गई। जुलाई से लेकर अबतक रखरखाव का काम पूरी तरह ठप पड़ने से हालात बिगड़ते चले गए।
अब नगर निगम ने नई कंपनी को यह जिम्मेदारी दी है लेकिन एक महीने बाद भी स्थिति में सुधार नहीं आया है। जलकल विभाग के सहायक अभियंता बीआर अशोक का कहना है कि कंपनी ने कामकाज शुरू कर दिया है। उनके अनुसार सर्वे के बाद अब खराब लाइटों को बदलने और मरम्मत का काम चल रहा है और जल्द ही सभी लाइटें दुरुस्त कर दी जाएंगी।