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बुलंद हौसले से जीवन के अंधेरे में फैलाया सफलता का उजियारा

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सोनू सिंह, पैरा एथलीट
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नोएडा। इरादे मजबूत हों तो कोई भी अड़चन सफलता पाने से नहीं रोक सकती है। सेक्टर-22 निवासी सोनू सिंह विपरीत परिस्थितियों में सफलता की इबारत लिखने वाले ऐसे ही एक खिलाड़ी हैं। उन्होंने अपने हौसलों से जीवन के अंधेरे को दरकिनार कर सफलता का उजाला बिखेरा है। बचपन में एक हादसे में आंखों की रोशनी गंवाने के बाद भी सोनू राष्ट्रीय स्तर पर पांच बार स्वर्ण जीत चुके हैं। वह पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत हैं और वर्तमान में एशियन गेम्स 2022 की तैयारियों में जुटे हैं। सोनू ने विश्व चैंपियनशिप 2015 एवं 2018 पैरा एशियन गेम्स सहित विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया है। वह शॉटपुट एवं डिसकस थ्रो जैसे खेलों से जुड़े हैं। उन्होंने फुटबॉल, कबड्डी और पावर लिफ्टिंग जैसे खेलों में भी अपना हुनर आजमाया है।
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मूल रूप से बिहार निवासी सोनू एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वह तीन बहनों, एक भाई एवं माता पिता के साथ बिहार में रहते थे। स्कूल के समय खेलों में बेहद दिलचस्पी होने के कारण बचपन से ही प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने लगे। 2001 में जब वह करीब 13 साल के थे, तब एक हादसे में उन्होंने अपनी आंखों की रोशनी गंवा दी। सोनू के लिए वह एक मुश्किल दौर था, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उनकी पढ़ाई जारी रहे इस उद्देश्य से वह मामा के साथ दिल्ली आए और एक ब्लाइंड स्कूल में पढ़ने लगे।
जब शिक्षकों को उनके खेलों के प्रति रुझान की जानकारी मिली तो स्कूल ने उन्हें खिलाड़ी के तौर पर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद से उनका सफर जारी है। दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक के दौरान भी उन्होंने कई खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। वह नोएडा स्टेडियम से भी लंबे समय तक जुड़े रहे। बैंक में नौकरी मिलने के कारण वह नोएडा आकर बस गए और यहां से खेलों का सफर जारी रखा। सोनू ने बताया कि फिलहाल उनका लक्ष्य 2022 में होने वाली एशियन गेम में पदक जीतने पर है। वह देश के लिए पदक लाना चाहते हैं। इसके लिए वह हर दिन कड़ी मेहनत करते हैं।
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