ग्रेटर नोएडा। पत्नी और बेटे को जलाकर मारने के आरोपी को दोषी पाते हुए जिला न्यायालय के सत्र एवं विशेष न्यायाधीश वेद प्रकाश वर्मा ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी पर 11 हजार रुपये आर्थिक दंड भी लगाया है।
सरकारी अधिवक्ता धर्मेंद्र जयंत ने बताया कि थाप खेड़ा गांव निवासी श्रवण की शादी बबली पुत्री पप्पू से हुई थी। श्रवण ऑटो चलाता था। घटना के समय दोनों के तीन बच्चे शिवा उम्र साढ़े सात वर्ष, प्रिंस उम्र पांच वर्ष और वंश उम्र एक वर्ष दो माह थे। शिवा और प्रिंस अपने नाना के पास रहते थे। 2014 में पप्पू ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि श्रवण ने अपनी पत्नी बबली व बेटे वंश पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। गंभीर अवस्था में दोनों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान मां-बेटे की मौत हो गई थी। बबली के पिता की शिकायत पर सूरजपुर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी श्रवण को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, मरने से अस्पताल में दर्ज कराए बयान में बबली ने बताया था कि उसका पति अक्सर मारपीट करता था। घटना के दिन भी उसने मारपीट की और मिट्टी का तेल डालकर जला दिया था।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान कुल 8 गवाह पेश हुए। सुनवाई के दौरान पता चला कि श्रवण पूर्व में भी कई बार पत्नी व बच्चों को प्रताड़ित कर चुका था। पुलिस जांच में भी इसके ठोस साक्ष्य मिले। साक्ष्य एवं गवाहों के बयान के आधार पर कोर्ट ने श्रवण को दोषी मानते हुए सजा सुनाई है। आर्थिक दंड की राशि अदा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।