अहमदाबाद। केंद्र सरकार को कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों की मांगों को मान लेना चाहिए। यह बात दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शनिवार को अहमदाबाद में कही। वह स्थानीय निकाय चुनावों के सिलसिले में अहमदाबाद में हैं। सिसोदिया ने आरोप लगाया कि सरकार ये कानून कॉरपोरेट घरानों के फायदे के लिए किसानों के हितों की अनदेखी करके लाई है।
सिसोदिया का ये बयान शनिवार को किसानों के अखिल भारतीय चक्का जाम के बीच आया। उन्होंने कहा दिल्ली में हाई अलर्ट है लेकिन कोई भी देशभर के किसानों की पीड़ा को समझ सकता है। मैंने देखा है कि गुजरात के किसान भी अपनी बात रखने के लिए दिल्ली गए थे।
उन्होंने कहा कि मुख्य सवाल है भाजपा सरकार किसानों की अनदेखी कर चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों के फायदे के लिए ये कानून क्यों लेकर आई। अगर भाजपा को लगता है कि ये कानून किसानों के हित में है और वे ये बेहतर जानते हैं तो वह किसानों की बात क्यों नहीं मान लेती। केंद्र सरकार को किसानों की बात मान लेनी चाहिए।
क्या आम आदमी पार्टी किसानों के आंदोलन का समर्थन कर रही है तो इसके जवाब में सिसोदिया ने कहा कि उनकी पार्टी हर वैध आंदोलन व गतिविधि का समर्थन करती है। ये मुद्दा आप के समर्थन का नहीं है, आप किसानों की मांगों का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी हर वैध गतिविधि का समर्थन करती है।
सिसोदिया ने सियासी निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के मुकाबले केवल आम आदमी पार्टी का विकल्प जनता के पास है क्योंकि विपक्ष के रूप में कांग्रेस अपना भरोसा खो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि निगम में 25 साल रहने के बाद भी भाजपा उचित स्वास्थ्य सेवाएं व शिक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाई है। वहीं केजरीवाल सरकार ने मोहल्ला क्लीनिकों तथा सरकारी स्कूलों के जरिये इसकी व्यवस्था की है। - एजेंसी