गाजियाबाद। औषधि प्रशासन ने जिले की 12 बोगस फर्मों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। इन बोगस फर्मों के नाम पर सहारनपुर से प्रदेशभर में तस्करी होने वाली कोडीनयुक्त सिरप के बिल इन्हीं बोगस फर्मों के नाम से भेजे जाते थे। इस गोरखधंधे में एक डिस्ट्रीब्यूटर का नाम भी सामने आया है। औषधि प्रशासन ने लाइसेंस निरस्त करने के बाद रिपोर्ट सहायक आयुक्त औषधी मेरठ मंडल को भेज दी है।
ड्रग इंस्पेक्टर आशुतोष मिश्रा के मुताबिक देशभर में कोडीनयुक्त सिरप की तस्करी सहानपुर से होती पाई गई है। सहारनपुर से बनारस, सोनभद्र, जौनपुर और चंदौसी आदि कई जनपदों से सिरप की तस्करी की गई। इन जनपदों से गाजियाबाद की 12 फर्मों के नाम पर बिल काटकर तस्करी की गई। मेरठ रोड स्थित गोदाम से ट्रक लोडिंग के दौरान उन्हें इन्हीं बोगस फर्मों के बिल ट्रक चालकों और तस्करों को थमाए जाते थे। जांच में सामने आया कि कोडीन युक्त सिरप का अबॉर्ट डिस्ट्रीब्यूटर का नाम सामने आया है। बताया कि अगस्त 2023 में अबॉर्ट डिस्ट्रीब्यूटर का लाईसेंस विभाग ने रद्द कर दिया था। जिसके बाद वह सहारनपुर में सिरप का कारोबार करने लगा। इसी डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए जिले के लोग जुड़े और बोगस फर्म बनाकर बिक्री-खरीद बिल बनाकर बांग्लादेश व गैर जनपदों और राज्यों में सिरप तस्करी के गोरखधंधे में लिप्त हो गए। इन फर्मों और फार्मासिस्ट का ब्योरा सहायक आयुक्त औषधि मेरठ मंडल मेरठ को भेजी गई है। जल्द ही पुलिस इन पर शिकंजा कसेगी।
-इन फर्मों के लाइसेंस निरस्त-
-जय अंबे मेडिकोज
-आरएस फार्मा
-एसएन फार्मा
-अंकित फार्मा
-कृष्णा मेडिकोज
-अमर ट्रेडर्स
-वाशू इंटरप्राईजेज
-कुंज फार्मा
-मेडिस्ट्रो बॉयोटेक
-शिवा मेडिकल एजेंसी
-एसके डिस्ट्रीब्यूटर्स
-अर्नव फार्मा