साइबर जालसाजों ने निवेश कराने के नाम पर व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर एक बीमा कंपनी में कार्यरत कर्मचारी से 44 लाख रुपये ठग लिए। जालसाजों ने ट्रेनिंग देकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया। ठगी का अहसास होने पर पुलिस से शिकायत की।
साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, सेक्टर-168 स्थित में रहने वाले बीमा कंपनी में कार्यरत हैं। एक जुलाई को उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन देखने के दौरान नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद जालसाजों ने उनसे संपर्क किया और शेयर मार्केट में निवेश करने के नाम पर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया।
इसके बाद पीड़ित को व्हाट्सग्रुप में शेयर मार्केट की ट्रेनिंग दी गई। इस ग्रुप में पहले से कई लोग जुड़े थे और सभी लोग मुनाफा कमाने की जानकारी ग्रुप में शेयर कर रहे थे। पीड़ित को 15 दिन तक निवेश करने की ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई। इसके बाद एक एप डाउनलोड कराया गया। एप पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद निवेश करना शुरू कर दिया। पहले उन्होंने 30 हजार रुपये निवेश किए तब कुछ रुपये का मुनाफा एप पर दिखाई दिया।
इसके बाद 11 जुलाई से पांच अगस्त तक 25 बार मे 43 लाख 86 हजार 900 रुपये ट्रांसफर कर दिए। इस एप पर 3 करोड़ रुपये से अधिक रकम दिखाई देने लगी तो पीडि़त ने उसे निकालने का प्रयास किया। इस पर ठगों ने कहा कि टैक्स के रूप में 15 लाख रुपये जमा कराने होंगे। जब पीड़ित ने रकम देने से मना कर दिया तब जालसाजों ने संपर्क तोड़ लिया। इसके बाद ठगी का अहसास हुआ। एडीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि मामले में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है और बैंक से जानकारी मंगाकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।