अनिवार्यता पर तत्काल संज्ञान लेने और शिक्षकों को राहत दिलाने की अपील
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एमसीडी की शिक्षा समिति के उपाध्यक्ष अमित खरखड़ी ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर उच्चतम न्यायालय की ओर से निर्धारित की गई शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता पर तत्काल संज्ञान लेने और शिक्षकों को राहत दिलाने की अपील की है।
खरखड़ी का कहना है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता से कई योग्य और अनुभवी शिक्षक बाहर हो जाएंगे जिससे स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी हो सकती है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस मुद्दे को प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर समाधान निकाला जाए ताकि योग्य शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित रहे और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कई शिक्षक वर्षों से निष्ठा के साथ कार्य कर रहे हैं और वर्ष 2010 की राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की दिशा-निर्देशों के अनुसार शिक्षक पात्रता परीक्षा की बाध्यता केवल भावी नियुक्तियों पर लागू होनी थी। ऐसे में वर्तमान शिक्षकों पर यह नियम थोपना न केवल अनुचित है बल्कि उनकी गरिमा के भी प्रतिकूल है। यह आदेश बच्चों के शिक्षा के मौलिक अधिकार पर भी आघात करेगा। यदि स्थिति का समाधान नहीं निकला तो न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होगी बल्कि नामांकन में भी गिरावट आएगी।