-बीटा-2 कोतवाली क्षेत्र के जगत फार्म बाजार में स्थित लेंसकार्ट शोरूम की घटना, सीसीटीवी में हुई कैद
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। मुंबई में लेंसकार्ट शोरूम का विवाद अब ग्रेटर नोएडा पहुंच गया है। यहां के जगत फार्म बाजार स्थित लेंसकार्ट के ग्राहक और कर्मचारी के बीच धार्मिक बहस को लेकर विवाद हो गया। दोनों के बीच मारपीट हुई। पूरी घटना शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने मामले में शनिवार को एनसीआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
जानकारी के मुताबिक 23 अप्रैल की शाम शोरूम में कार्यरत कर्मचारी सूरज अपनी ड्यूटी पर मौजूद था। इसी दौरान एक ग्राहक दुकान पर पहुंचा और कंपनी को लेकर चल रही कथित धार्मिक अफवाहों का जिक्र करने लगा। इस मुद्दे पर कर्मचारी और ग्राहक के बीच बहस शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ गया और ग्राहक ने गाली-गलौज करते हुए कर्मचारी पर हाथ उठा दिया। अचानक हुई इस घटना से शोरूम में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर मौजूद अन्य कर्मचारियों और ग्राहकों ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों को अलग कराया और स्थिति को काबू में किया। हालांकि, मारपीट के बाद आरोपी ग्राहक मौके से फरार हो गया। घटना का 1.27 मिनट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें दिखाई दे रहा है कि नारंगी रंग की टीशर्ट पहने एक व्यक्ति एक दूसरे शख्स को पहले थप्पड़ मारता है और फिर उसकी पिटाई कर देता है।
पीड़ित कर्मचारी सूरज ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की है। वहीं कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। प्राथमिकी जांच में सामने आया है कि ग्राहक ने कुछ आर्डर दे रखा था। आर्डर में देरी के कारण ग्राहक और कर्मचारी के बीच कहासुनी हुई थी।
क्या है लेंसकार्ट विवाद :
लेंसकार्ट विवाद कंपनी की एक कथित आंतरिक ग्रूमिंग पॉलिसी से जुड़ा है। जिसमें कर्मचारियों को माथे पर तिलक, बिंदी, कलावा या सिंदूर जैसे हिंदू धार्मिक प्रतीक पहनने से रोकने का आरोप लगा था। सोशल मीडिया पर इस पॉलिसी के वायरल होने के बाद, हिंदू संगठनों ने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए बॉयकॉट लेंसकार्ट का ट्रेंड शुरू कर दिया और कई शहरों में प्रदर्शन हुए थे। आरोप था कि स्टोर में काम करने वाले कर्मचारी तिलक-बिंदी नहीं लगा सकते, जबकि हिजाब और पगड़ी को कुछ शर्तों के साथ अनुमति दी गई थी। जबकि कंपनी के सीईओ पीयूष बंसल ने इस डॉक्यूमेंट को पुराना और गलत बताते हुए कहा कि यह कंपनी की वर्तमान पॉलिसी नहीं है। नतीजा यह हुआ था कि विवाद के बाद कंपनी ने अपनी नई 'स्टाइल गाइड' जारी की और माफी मांगी थी।