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ललित भाटी ने हजारों लोगों को बनाया ठगी का शिकार
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ग्रेटर नोएडा। एसटीएफ और ईओडब्ल्यू मेरठ के गिरफ्त में आया ललित संजय भाटी का करीबी है। वह अधिकांश कार्यक्रमों में संजय भाटी के साथ रहता था। निवेशकों को लुभाने के लिए लोगों को संबोधित भी करता था। निवेशकों को कुछ साल में ही जिंदगी के हर सपने पूरे करने के ख्वाब दिखाता था। आरोपी ने मुंबई, उत्तराखंड, हरियाणा और वेस्ट यूपी के हजारों लोगों को फर्जीवाड़े में फंसाकर ठगी का शिकार बनाया।
18 माह से बाइक बोट के कोट गांव स्थित मुख्य दफ्तर पर धरने पर बैठे मुन्ना और अरुण कुमार पालीवाल ने बताया कि ललित करनपाल की टीम में था। वह उसके रिश्तेदार के मार्फत कंपनी में शामिल हुआ था। कुछ ही दिनों में निवेशकों को लुभाने की क्षमता के कारण वह संजय भाटी का खास बन गया था। संजय के कार्यक्रमों में वह मुख्य वक्ता रहता था। इसी वजह से संजय भाटी ने उसे महंगी कार दी थी। उसे एक लाख से अधिक का वेतन प्रतिमाह दिया जाता था। उसे कुछ दिन बाद ही कंपनी में निदेशक बना दिया गया था। आरोपी के खिलाफ शुरुआत में ही केस दर्ज करा दिया गया था। वह 20 माह से पुलिस और जांच एजेंसियों को छका रहा था। मुंबई में काम करने वाले एक दोस्त के मार्फत ललित ने महाराष्ट्र के भी कई लोगों को ठगी का शिकार बनाया था।
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संजय भाटी की पत्नी और बीएन तिवारी की गिरफ्तारी की मांग
निवेशकों का कहना है कि फर्जीवाड़े में बीएन तिवारी का भी बड़ा हाथ है। बीएन तिवारी ने आरोपियों की राजनीतिक रूप से मदद की है। वहीं, संजय भाटी की पत्नी दीप्ती बहल के नाम विवि के अलावा कई अन्य संपत्तियां होने की जानकारी मिली है। ऐसे में बीएन तिवारी औैर दीप्ति बहल की जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए।
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