- चंद्रो तोमर शूटिंग रेंज बंद, खिलाड़ी आर्थिक और प्रशिक्षण संकट से जूझे, जल्द सुविधा शुरू करने की मांग तेज
नितेश कुमार
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर, जो देश के उभरते खेल हब के रूप में जाना जाता है, वहां शूटिंग जैसे ओलंपिक खेल के खिलाड़ी आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जिले में अंतरराष्ट्रीय स्तर के निशानेबाज मौजूद होने के बावजूद सरकारी शूटिंग रेंज की कमी और मौजूदा रेंज का लंबे समय से बंद रहना खिलाड़ियों के अभ्यास पर भारी पड़ रहा है। नोएडा की चंद्रो तोमर शूटिंग रेंज बंद होने के कारण खिलाड़ी मजबूरी में निजी रेंज या दिल्ली की सुविधाओं पर निर्भर हैं, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।
खिलाड़ियों का कहना है कि शूटिंग ऐसा खेल है जिसमें निरंतर अभ्यास बेहद जरूरी होता है। नियमित ट्रेनिंग में बाधा आने से प्रतियोगिताओं के प्रदर्शन पर सीधा असर पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए निजी रेंज का खर्च उठाना और रोजाना दिल्ली तक यात्रा करना बड़ी चुनौती बन गया है।
खिलाड़ियों के कोट-
सरकारी रेंज बंद होने से हमें निजी रेंज में भारी खर्च करके अभ्यास करना पड़ता है। -आलोक, निशानेबाज
लगातार अभ्यास न मिलने से प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन प्रभावित होता है। -शिवम दीक्षित, निशानेबाज
दिल्ली आने-जाने में समय ज्यादा लगता है, जिससे पढ़ाई और ट्रेनिंग दोनों प्रभावित होती हैं। -जतिन, निशानेबाज
हर खिलाड़ी निजी रेंज का खर्च नहीं उठा सकता, सरकारी सुविधा जरूरी है। -हिमांशु राजपूत, निशानेबाज
मलकपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम में 10 मीटर एयर राइफल और पिस्टल रेंज के लिए स्वीकृति मिल चुकी है। इसे जल्द शुरू करने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है। इसके शुरू होने से जिले के खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर ही बेहतर प्रशिक्षण सुविधा उपलब्ध होगी। -डॉ. परवेज अली, प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी