अखिल भारतीय कोली–कोरी शंखवार समाज ने मनाई वीरांगना झलकारी की जयंती
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
नंद नगरी में आयोजित वीरांगना झलकारी बाई कोली के जयंती समारोह में समाज कल्याण मंत्री रविंद्र इंद्राज सिंह ने कहा कि कोली-कोरी-शंखवार समाज का योगदान राष्ट्र निर्माण में बेहद महत्वपूर्ण रहा है। यदि झलकारी बाई न होतीं तो 1857 की लड़ाई का इतिहास अलग हो सकता था।
मात्र 14 साल की उम्र में शेर का सामना और रानी लक्ष्मीबाई के साथ मोर्चा संभालना उनकी अद्भुत वीरता का प्रमाण है। दलित और वंचित समाज ने देश को संत कबीर, महात्मा फुले, संत रविदास और डॉ. भीमराव आंबेडकर जैसे महापुरुष दिए हैं। इसी परंपरा की सबसे उज्ज्वल कड़ी झलकारी बाई हैं। दिल्ली सरकार की आधिकारिक सम्मान सूची में अब झलकारी का नाम जोड़ दिया गया है। समाज और सरकार की एकजुटता किसी भी लक्ष्य को आसान बना देती है। कार्यक्रम के दौरान इंद्राज ने कुतुबगढ़ में 160 वरिष्ठ नागरिकों को सहायक उपकरण वितरित किए और कहा कि हर जयंती पर ऐसे जनसेवा कार्यक्रम होंगे। समारोह में विभिन्न राज्यों से आए समाज के प्रतिनिधि और स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।