संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। केंद्रीय बजट में खेलो इंडिया मिशन के ऐलान ने गौतमबुद्ध नगर के खेल जगत में नई चर्चा छेड़ दी है। जिले में पहले से सक्रिय खेल अकादमियां, स्कूल ग्राउंड और निजी ट्रेनिंग सेंटर बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सरकारी सहयोग की उम्मीद कर रहे हैं। बजट में खेलों को करियर और रोजगार से जोड़ने का संकेत दिया गया है जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को लंबी अवधि में फायदा मिलने की उम्मीद है। खेल उपकरणों के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के फैसले से नोएडा के युवा खिलाड़ियों के लिए राहत की उम्मीद है। एसएमई सेक्टर को दिए गए फंड से क्रिकेट किट, बैडमिंटन रैकेट, फुटबॉल और अन्य खेल सामग्री के दाम कम हो सकते हैं जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चों की खेल तक पहुंच आसान होगी।
अगर इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनिंग सिस्टम सही तरीके से लागू हुआ तो आने वाले वर्षों में नोएडा के खिलाड़ियों को दिल्ली और हरियाणा जैसी सुविधाएं यहीं मिल सकती हैं। - सुखमन सिंह, अंतरराष्ट्रीय गोल्फ खिलाड़ी
अगर स्पोर्ट्स सामान सस्ता होता है और लोकल लेवल पर ट्रेनिंग सेंटर मजबूत हुए तो लड़कियों के लिए खेल चुनना आसान हो जाएगा। यह बजट हमारे लिए हौसला बढ़ाने वाला है। - निकिता, महिला एथलीट
खेलो इंडिया मिशन से व्यवस्थित प्रतिभा मार्ग बनेगा। नोएडा जैसे शहरी इलाकों में मौजूद टैलेंट को सही दिशा और संसाधन मिलेंगे। राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी यहीं से निकलेंगे। - संभव जैन, कबड्डी प्रशिक्षक
अगर बजट के तहत सभी सुविधाएं सुरक्षित मैदान, अलग ट्रेनिंग स्लॉट, योग्य कोच और सपोर्ट सिस्टम जमीन पर उतरे, तो जिले के खिलाड़ी देश के लिए पदक जीतने की पूरी क्षमता रखते हैं। - जाफर खान, कार्यवाहक सचिव, जिला ओलंपिक संघ, गौतमबुद्ध नगर