नई दिल्ली। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने बुधवार को कहा कि यदि अकर्मण्यता, अराजकता और भ्रष्टाचार के लिए नोबेल पुरस्कार होता, तो आप संयोजक अरविंद केजरीवाल मजबूत दावेदार होते। केजरीवाल ने नोबेल पुरस्कार की इच्छा जताकर भद्दा मजाक किया है।
शीश महल घोटाले सहित दर्जनों भ्रष्टाचार के मामलों में केजरीवाल का नाम सामने आ चुका है। दुर्भाग्यवश इसके लिए नोबेल नहीं बल्कि जेल मिलती है। दिल्लीवासी केजरीवाल की महिला विरोधी कार्यशैली को भी नहीं भूले हैं जिसमें असहाय महिला पेंशन घोटाला, पैनिक बटन घोटाला और महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार शामिल है। वर्ष 2014 के गणतंत्र दिवस और 2024 के स्वतंत्रता दिवस से पहले केजरीवाल की अराजक हरकतों के लिए उन्हें कोई सम्मान नहीं मिलेगा, बल्कि सिर्फ सजा मिलेगी। दिल्ली की जनता ने फरवरी में केजरीवाल को इसका राजनीतिक जवाब दे दिया है और आने वाले समय में कानूनी जवाब भी मिलेगा। ब्यूरो